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मंगल पर मानव को भेजने की योजना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक दल ने दस साल के भीतर मंगल ग्रह पर मानव अभियान भेजने की एक योजना बनाई है. इसके लिए ज़रूरी धन निजी स्रोतों से जुटाया जाएगा. योजना बनाने वाले दल के एक सदस्य सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ़ मशीन बिल्डिंग के विशेषज्ञ गियोर्गी उसपेन्स्की ने कहा कि इस पर तीन से पाँच अरब डॉलर का ख़र्च आएगा. परियोजना के लिए पैसा जुटाने का काम एयरोस्पेस सिस्टम्स नामक कंपनी उठाएगी. कंपनी ने कहा है कि पैसा जुटाने के लिए रियलिटी टीवी शो का भी सहारा लिया जा सकता है. अगर निजी स्रोतों से जुटाए गए धन से मंगल अभियान की परियोजना सफल रहती है तो छह अंतरिक्ष यात्री तीन साल के लिए मंगल यात्रा पर निकल सकेंगे. उन्हें कई महीनों तक मंगल की सतह पर रहने का मौका मिलेगा. उस्पेन्स्की ने कहा कि उनके दल ने योजना बनाई है उस पर मंगल के लिए अमरीका द्वारा प्रस्तावित मानव अभियान के मुक़ाबले रत्ती भर धन ख़र्च होगा. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यान पर यात्रियों के लिए ताज़ा सब्ज़ी और फल उगाने की भी व्यवस्था होगी. उस्पेन्स्की ने कहा कि अभियान पर बनाए गए रियलिटी टीवी शो से काफ़ी आमदनी हो सकती है. इस बीच रूस की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी ने प्रस्तावित परियोजना को बकवास बताया है. एजेंसी के एक अधिकारी सर्गेई गोर्वुनोफ़ ने कहा, "मैं नहीं समझता कि इतने पैसों से और इतने कम समय के भीतर मंगल पर मानव अभियान भेजना संभव है." |
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