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स्क्रैमजेट विमान ने रिकॉर्ड बनाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पायलटरहित हाइपरसोनिक विमान एक्स-43ए का सफल परीक्षण किया है. नासा ने कहा है कि शनिवार को परीक्षण के दौरान 10 सेकेंड के लिए यह 7700 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार पकड़ने में सफल रहा, यानी ध्वनि की गति से सात गुना तेज़. किसी भी विमान ने अब तक बिना रॉकेट के यानी सिर्फ़ इंजन के सहारे यह रफ़्तार नहीं प्राप्त किया था. एक्स-43ए विमान में स्क्रैमजेट इंजन का प्रयोग किया गया है. उल्लेखनीय है कि स्क्रैमजेट इंजन में हाइड्रोजन ईंधन को जलाने के लिए बहुत ही तेज़ गति से वायुमंडल का ऑक्सीजन दहन कक्ष तक पहुँचाया जाता है. रॉकेट बूस्टर परीक्षण के दौरान एक बी-52 बमवर्षक ने जब एक्स-43ए को बहुत ऊँचाई पर ले जाकर छोड़ा तो शुरू में इसे गति देने के लिए रॉकेट बूस्टर इस्तेमाल किए गए. उल्लेखनीय है कि स्क्रैमजेट इंजन में वायुमंडल के ऑक्सीजन को ध्वनि की रफ़्तार से छह गुना तेज़ गति से पहुँचाने की ज़रूरत होती है, और इसी कारण रॉकेट बूस्टर का उपयोग किया गया. कुछ ही देर बाद इससे बूस्टर अलग हो गए और इसके स्क्रैमजेट इंजन ने इसकी गति को और बढ़ा दिया. परीक्षण उड़ान के लिए इस 1300 किलोग्राम वज़नी विमान के स्क्रैमजेट इंजन को मात्र 10 सेकेंड के लिए चलाया गया. माना जाता है कि स्क्रैमजेट इंजन भविष्य में लंबी दूरी की विमान यात्राओं का समय काफ़ी कम कर देंगे. इससे अंतरिक्ष यात्रा की भी लागत कम हो जाने की उम्मीद की जा रही है. |
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