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ब्राज़ील को एड्स की दवा कम क़ीमत पर
ब्राज़ील की सरकार का कहना है कि एड्स पीड़ितों का उपचार करने वाली एक दवा की क़ीमत 76 प्रतिशत तक कम करने के लिए समझौते में उसे सफलता मिली है. इस सौदे के बाद ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब कंपनी से अटाज़नाविर दवा ख़रीदने में ब्राज़ील प्रतिवर्ष छह करोड़ डॉलर से कुछ अधिक राशि बचा पाएगा. इस सौदे के साथ ही ब्राज़ील सरकार को अब तक की सबसे बड़ी छूट हासिल करने में सफलता मिली है और इससे उसे फ़ायदा भी होगा क्योंकि वह एड्सपीड़ितों को एंटी-रेट्रोवायरल दवाएँ मुफ़्त देती है. एड्स रोधी दवाओं की क़ीमत कम करने के अभियान में ब्राज़ील प्रमुखता से हिस्सा भी लेता रहा है. इसके अलावा सरकार ने 1997 से एंटी-रेट्रोवायरल दवाएँ मुफ़्त बाँटनी शुरू कीं तो उसके बाद से एड्स की वजह से मरने वालों की संख्या भी आधी रह गई है. ब्राज़ील सरकार ने दवा की कंपनियों पर इस धमकी के साथ दबाव बनाया कि अगर वे कीमतें कम नहीं करतीं तो ब्राज़ील ख़ुद वैसी ही दवाएँ बनाना शुरू कर देगा. आर्थिक सच्चाई ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब ने सरकार और प्रयोगशालाओं के बीच एक नए तरह के रिश्तों का उदाहरण पेश किया है. मंत्रालय के अनुसार इस सौदे ने दिखा दिया है कि आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए भी विकासशील देशों में उपचार मुहैया कराना आसान है. अब नए समझौते के तहत हर कैप्सूल लगभग सवा तीन डॉलर में आ जाएगा जबकि पहले इसकी क़ीमत लगभग 14 डॉलर थी. ब्राज़ील सरकार ने पिछले ही महीने राष्ट्रीय स्तर पर एड्स रोधी अभियान शुरू किया है. |
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