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रविवार, 02 नवंबर, 2003 को 21:35 GMT तक के समाचार
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भारत इंटरनेट पर 2.7 अरब खर्च करेगा
माउस
ग्रामीणों की कंप्यूटर तक पहुँच बहुत कम है

भारत सरकार ने कहा है कि वह आगामी चार सालों में इंटरनेट पर दो अरब सत्तर करोड़ डॉलर ख़र्च करेगी.

सरकार का कहना है कि वह ग्रामीण और शहरी इलाक़ों में तकनीक को लेकर जो खाई पैदा हुई है उसे दूर करना चाहती है.

बैंगलोर में चल रहे सूचना प्रौद्योगिकी मेले में इसके विवरण दिए गए हैं.

हैदराबाद और बैंगलोर जैसे भारतीय शहर तक्नालॉजी के मामले में फैलते तो जा रहे हैं लेकिन ग्रामीण इलाक़े जहाँ सत्तर प्रतिशत भारतीय रहते हैं वहाँ अभी भी लोगों तक इसकी पहुँच नहीं है.

भारत सरकार के औद्योगिक मामलों के सचिव राजीव रत्न शाह ने इस समस्या की गंभीरता को स्वीकार किया और घोषणा की कि भारत सरकार अगले चार सालों में 2.7 अरब डॉलर ख़र्च करेगी.

हालांकि इस योजना को अभी अंतिम मंज़ूरी नहीं मिली है लेकिन इसमें कई नए प्रयासों की घोषणा की गई है.

इसमें यह प्रावधान भी किया जाना है कि ग्रामीण इलाक़ो में ऐसे सॉफ्टवेयर लगाए जाएँ जिससे बोलकर भी काम चल सके.

कई भाषा समझने वाले इस सॉफ्टवेयर का उन ग्रामीणों के लिए ख़ास महत्व होगा जो कंप्यूटर नहीं चला सकते.

इसका लाभ महिलाएँ भी उठा पाएंगी.

चूंकि ज़मीनों से जुड़े सारे रिकार्डों के कंप्यूटरीकरण का काम भारत के बहुत से राज्यों में चल रहा है इसलिए उम्मीद है कि इससे किसानों को भी बहुत फ़ायदा भी होगा.

इस तरह के प्रयासों का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका को ख़त्म करना है.

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