झपकी लेने से बढ़ती है याददाश्त

सोता हुआ बच्चा

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    • Author, जेम्स गॉलाघर
    • पदनाम, स्वास्थ्य संपादक, बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट

वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों के कुछ-कुछ देर पर झपकियां लेने से सीखने की क्षमता और याददाश्त बढ़ती है.

12 महीने तक के 216 बच्चों पर यह शोध किया गया. पता चला कि जब वे लंबी नींद नहीं लेते तो नई चीज़ें सीखने में असमर्थ होते हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ शेफ़ील्ड का शोध दल बिस्तर पर जाने से पहले पढ़ने की अहमियत पर ज़ोर देता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक़ जीवन के शुरुआती दौर में नींद का महत्व अधिक उम्र में नींद लेने की तुलना में ज़्यादा होता है.

खेलता हुआ बच्चा

यह शोध प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेज़ में छपा.

संबंध

शोध के दौरान बच्चों को तीन तरह के नए काम सिखाए गए और अगले दिन उन्हें दोबारा वो काम करने को दिया गया.

उन बच्चों ने औसतन एक से ज़्यादा काम दोहराए जिन्होंने काम सीखने के बाद पर्याप्त नींद ली थी.

झपकी लेता एक बुजुर्ग

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कम नींद लेने वालों को एक भी काम दोहराने में सफलता नहीं मिली.

पिछले साल वैज्ञानिकों ने पता लगाया था कि रात की अच्छी नींद का याददाश्त तेज़ होने से क्या संबंध है.

उन्होंने नींद में बनने वाली दिमाग की कोशिका के बीच का संबंध देखने में कामयाबी हासिल की थी.

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