बंद हो सकती है टूटे दिल की धड़कन!

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- Author, स्टीफन इवांस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, बर्लिन
मैं एक दंपति के अंतिम संस्कार में गया था जिनकी मौत एक हफ़्ते के अंतराल पर हुई थी. फिर मैंने पिछले हफ़्ते ख़बर पढी कि कैलिफोर्निया में एक व्यक्ति की मौत उसकी पत्नी के देहांत के कुछ ही घंटों बाद हो गई.
इन घटनाओं ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसा क्यों होता है.
तो क्या वाकई दिल टूटने का नतीजा मौत के रूप में सामने आता है?
ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने इसका हल ढूंढने की कोशिश की है. जेएएमए इंटरनल मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित शोध के अनुसार वैसे तो इस तरह की घटनाएं कभी-कभार ही होती हैं, लेकिन जब अपनों के खोने के एक महीने के भीतर दिल का दौरा पड़ने की आशंका दोगुनी हो जाती है.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन के डॉक्टर सुनील शाह ने बीबीसी को बताया, "हम अक्सर अपनों के खोने के दर्द को 'दिल टूटने' के रूप में बयां करते हैं और अध्ययन बताता है कि इस गम का सीधा असर दिल पर पड़ सकता है."
लक्षण

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दिल टूटने के लक्षण क्या होते हैं, ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, "यह अस्थाई स्थिति है जिसमें आपके दिल की मांसपेशियां अचानक कमज़ोर हो जाती हैं. दिल के बाएं चेंबर का आकार भी बदलने लगता है."

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सदमा लगने से ऐसा हो सकता है. दिल टूटने के लक्षणों पर प्रकाशित जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक यह दिल के दौरे से अलग है.
इसमें दिल काम करना बंद कर देता है क्योंकि धमनी अवरुद्ध होने से खून की सप्लाई बाधित होती है जबकि दिल के दौरों के अधिकतर मामलों में इसकी वजह धमनी में खून का थक्का जमना या ब्लॉकेज़ होना है.

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यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के मुताबिक कार्डियोमायोपैथी के अधिकतर मरीजों की धमनियां सामान्य होती हैं और इनमें खून का थक्का या कई ब्लॉकेज़ नहीं होते हैं. कई लोग ठीक हो जाते हैं- दबाव से बाहर निकल आते हैं और उनका दिल सही आकार में आ जाता है.
लेकिन कुछ मामलों में, जिनमें मरीज की उम्र अधिक होती है या फिर उन्हें दिल की बीमारी है, उनमें दिल के आकार का बदलना दिल के दौरे की वजह बन सकता है.
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