कैंसर के कारणों की खोज में अहम कामयाबी

वैज्ञानिकों का कहना है कि कैंसर पर चल रहे शोध में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो इस बीमारी के कारणों का पता लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
वैज्ञानिकों ने ट्यूमर के ज़्यादातर मामलों में होने वाली 21 आनुवांशिक तब्दीलियों का पता लगाया है.
अनुवांशिक कोड में अचानक हुआ बदलाव आम तौर पर होने वाले 30 प्रकार के कैंसर के लगभग 97 फ़ीसदी मामलों में ज़िम्मेदार कारक होता है.
इन तब्दीलियों की वजह पता लगा लिए जाने से कैंसर के नए इलाज ढूंढे जा सकेंगे. सिगरेट पीना इन कारणों में से एक है लेकिन ऐसे अन्य तमाम कारण हो सकते हैं जिनका पता नहीं है.
कैंसर रिसर्च यूके का कहना है कि ये एक महत्वपूर्ण अध्ययन है.
कैंसर का जन्म
कैंसर जिनोम के अध्ययन के इस बड़े प्रयास में शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम कैंसर को जन्म देने वाले बदलावों को समझने की कोशिश कर रही थी.

अल्ट्रा वायलेट रेडियेशन और धूम्रपान डीएनए में बदलाव पैदा करते हैं जो कैंसर का जोखिम बढ़ाता है.
ब्रिटेन के 'वेलकम ट्रस्ट सैंगर इंस्टीट्यूट' की अगुआई में हो रहे इस शोध के बारे में संस्थान के निदेशक सर माइक स्ट्रैटन कहते हैं, ‘‘मैं बहुत उत्साहित हूं. कैंसर जिनोम के भीतर ही वो निशान, वो चिन्ह छिपे हैं जो हमें बता सकते हैं कि किस वजह से कैंसर हुआ है. कैंसर संबंधी शोध के लिए ये बहुत ही अहम उपलब्धि है. ये हमें उन क्षेत्रों तक ले जा रहा है जिनके अस्तित्व के बारे में हमें पहले से पता नहीं था. मुझे लगता है ये एक बड़ा मील का पत्थर है.’’
अनसुलझे सवाल
जब भी शरीर में वायरस का हमला होता है तो कोशिकाएं एन्ज़ाइम को सक्रिय कर देती हैं जो वायरस से तब तक निपटते हैं जब तक वो निष्क्रिय ना हो जाएं.
प्रोफ़ेसर स्ट्रैटन का कहना है, ‘‘हमें लगता है कि जब शरीर के अंदर ये हो रहा होता है तब नुक़सान दोनों तरफ़ होता है. कोशिकाएं ख़ुद अपने में भी तब्दीली लाती हैं और इस प्रक्रिया में वो इतनी बदल जाती हैं कि एक कैंसर कोशिका बनने की पूरी आशंका होती है. ये एक दोधारी तलवार की तरह है.’’

इस जानकारी से शोध की दिशा में आगे बढ़ने की संभावनाएं पैदा हुई हैं.
कैंसर रिसर्च यूके में मुख्य वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर निक जोन्स का कहना है, "हमें पता है कि धूम्रपान और अल्ट्रा वायलट किरणें डीएनए में ख़राबी पैदा कर सकती हैं जो कैंसर की वजह बन सकता है. लेकिन कैंसर के बहुत सारे रूप हैं जिनके बारे में ये नहीं पता है कि ये किस वजह से होते हैं.
‘‘इस अध्ययन में अनुवांशिक ढांचे को जिस तरह समझा गया है वह कैंसर के विकास की प्रक्रिया को समझने में अहम है. कैंसर के कारणों को समझने से ही उनके निदान की दिशा में आगे बढ़ना मुमकिन हो पाएगा.’’
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