एक-दूसरे को बचा रहे हैं कंप्यूटर वायरस

माइक्रोसॉफ़्ट के एक शोध से पता चला है कि दो ऐसे कंप्यूटर वायरस जो आपस में मिलकर काम कर रहे हैं उन्हें संक्रमित कंप्यूटर से निकालना मुश्किल साबित हो रहा है.
ये दो कंप्यूटर वायरस ऐसे हैं जो आपस में गठजोड़ कर एक दूसरे को बचाने में मदद करते हैं और एक दूसरे के नए संस्करण को नियमित रूप से डाउनलोड कर कंप्यूटर में बने रहते हैं.
एंटी-वायरस प्रोग्राम्स को सामान्यतः इन नए संस्करणों के बारे में <link type="page"><caption> पता नहीं होता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/06/130616_internet_test_2_tb.shtml" platform="highweb"/></link> जिससे यह मालवेयर (ख़तरनाक प्रोग्राम) कंप्यूटर में बने रहते हैं.
‘ऑटो रन’ बंद रखें
एक बार कंप्यूटर में घुसने के बाद ये वायरस चोरों को कंप्यूटर में घुसने का रास्ता दे देते हैं जिससे ऐसे आंकड़े चुराए जा सकें जिन्हें बेचा जा सकता है या <link type="page"><caption> स्पैम मेल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/05/130508_internet_security_tips_skj.shtml" platform="highweb"/></link> भेज दें या फिर दूसरे कंप्यूटरों पर <link type="page"><caption> वायरस हमले</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/07/120709_internet_dnschanger_threat_vv.shtml" platform="highweb"/></link> कर सकें.
दोनों वायरसों के बीच <link type="page"><caption> इस संबंध</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/02/130208_hackerkids_rd.shtml" platform="highweb"/></link> के बारे में माइक्रोसॉफ़्ट मालवेयर (ख़तरनाक प्रोग्राम) रिसर्च टीम के ह्यून चोई ने एक ब्लॉग पोस्ट में खुलासा किया.
चोई ने कहा कि दो विंडोज़ वायरस वोबफ़स और बीबोन नियमित रूप से साथ पाए गए.
उन्होंने कहा कि वोबफ़स मशीन में पहले पहुंचता है और उसे संक्रमित करने के लिए कई तरह की तरकीबें अपनाता है.
यह वेबसाइट्स पर ललचाने वाले लिंक के माध्यम से कंप्यूटर में पहुंच सकता है, कंप्यूटर नेटवर्क में एक मशीन से दूसरी मशीन में जा सकता है या यूएसबी ड्राइव के माध्यम से कंप्यूटर में घुस सकता है.

एक बार कंप्यूटर में घुसने के बाद वोबफ़स बीबोन को डाउनलोड कर लेता है जो कंप्यूटर को कई संक्रमित कंप्यूटरों के बेड़े में शामिल कर देता है.
इसके बाद दोनों एक-दूसरे से मिलकर काम करने लगते हैं और अपने साथी के नवीनतम संस्करणों को डाउनलोड करने लगते हैं.
चोई कहते हैं कि कंप्यूटर में बने रहने के लिए यह एक बेहद मज़बूत कार्यप्रणाली है.
वह कहते हैं, “अगर हम बोवफ़स की पहचान कर उसे हटा देते हैं तो संभव है कि उसने एक ऐसा बीबोन प्रोग्राम डाउनलोड कर रखा हो जिसकी पहचान नहीं हुई है. वह बीबोन वोबफ़स के नए संस्करण को डाउनलोड कर सकता है.”
चोई के अनुसार दोनों के आपसी संबंध की वजह से 2009 में पहली बार पहचान के बाद से ही वोबफ़स दिक्कत बना हुआ है.
वह कहते हैं कि दोनों वायरसों से एक साथ निपटना आसान नहीं होता क्योंकि वोबफ़स नेटवर्क के माध्यम से आवाजाही में माहिर है.
वह सलाह देते हैं कि न सिर्फ़ अपने सॉफ़्टवेयर को अपडेट रखें बल्कि विंडोज़ के “ऑटोरन” फ़ीचर को भी बंद रखें क्योंकि यूएसबी ड्राइव के माध्यम से कंप्यूटर में पहुंचने के बाद वोबफ़स इसी का इस्तेमाल करता है.
वह <link type="page"><caption> इंटरनेट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/02/130219_internet_blackout_da.shtml" platform="highweb"/></link> पर ललचाने वाले लिंक का इस्तेमाल करने से भी बचने की सलाह देते हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












