328 किमी/घंटे की रफ़्तार से दौड़ी इलेक्ट्रिक कार

हल्के वज़न वाली एक इलेक्ट्रिक कार ने 328.6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार हासिल करके एक नया रिकॉर्ड बना दिया है.
ड्रेसन रेसिंग टेक्नॉलॉजीज़ ने इस तरह दुनिया में सड़क पर सबसे तेज़ हल्के वज़न वाली इलेक्ट्रिक कार का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
यॉर्कशर के आरएएफ़ एलविंग्टन रेसट्रैक में कंपनी की लोला बी12 69/ईवी कार 328.6 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से दौड़ी.
गाड़ी चला रहे कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉर्ड ड्रेसन ने कहा कि यह उपलब्धि <link type="page"><caption> इलेक्ट्रॉनिक वाहन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/04/130408_ev_vintage_cars_rd.shtml" platform="highweb"/></link> की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए हासिल की गई है.
इससे पहले 281.6 किमी/घंटा का रिकॉर्ड बैट्री बॉक्स जनरल इलेक्ट्रिक ने 1974 में बनाया था.
चुनौतीपूर्ण परीक्षण
ड्रेसन रेसिंग अकेली <link type="page"><caption> इलेक्ट्रिक वाहन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130319_mahindra_reva_electric_car_pn.shtml" platform="highweb"/></link> निर्माता नहीं है जो इस तकनीक का इस्तेमाल मोटर स्पोर्ट्स में करने के लिए काम कर रही है.
पिछले हफ्ते निसान ने ज़िओड आरसी (ज़ीरो एमिशन ऑन डिमांड रेसिंग कार) प्रदर्शित की थी जिसे पेट्रोल और इलेक्ट्रिक किसी भी माध्यम से चलाया जा सकता है.
कंपनी अगले साल होने वाले ली मैन्स 24 रेस में शामिल होने की योजना बना रही है. उसका कहना है कि यह ऐसी तकनीकों के लिए एक “चुनौतीपूर्ण परीक्षण” होगा जो अंततः सड़कों पर चलने वाली हैं.
ड्रेसन रेसिंग की स्थापना 2007 में स्वघोषित “कारों के लिए पागल” पॉल ड्रेसन ने की थी, जो उस समय लेबर सरकार में मंत्री थे.

ऑक्सफ़ोर्डशर के किडलिंग्टन में स्थित कंपनी दूसरों के साथ टिकाऊ स्वचालित तकनीक के विकास पर काम करती है और अपने काम को दिखाने के लिए मोटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में भाग लेती है..
फेडरेशन इंटरनेशनल डि ल’ऑटोमोबाइल्स (एफ़आईए) वर्ल्ड इलेक्ट्रिक लैंड <link type="page"><caption> स्पीड रिकॉर्ड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/05/130514_supersonic_car_speed_aa.shtml" platform="highweb"/></link> में भाग लेने के लिए इस कार का वज़न एक हज़ार किलो से कम रखना होगा.
इसके लिए कंपनी ने मूलतः जैव-इथेनॉल ईंधन वाले इंजन के साथ बनाई गई ली मैन्स सीरीज़ की कार को चुना. फिर इसके पुर्ज़ों को हल्के वज़न वाले 20 किलोवाट घंटा बैट्री से बदल दिया. इसका इंजन 850 हॉर्सपावर की ताकत देता है.
कंपनी ने कार के चेसिस को भी इस्तेमाल किया जो हवा के घर्षण को कम करने के लिए रिसाइकिल्ड फ़ाइबर से बना है.
गूगल की नज़र
अपने नए रिकॉर्ड समय की पुष्टि होने के तुरंत बाद लॉर्ड ड्रेसन ने बीबीसी से कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि यह लोगों को इलेक्ट्रिक कारों की भावी क्षमता को दिखाएगी.”

उन्होंने कहा, “यकीनन यह एक बेहद ख़ास रेसिंग कार है लेकिन ब्रिटेन में नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर हम दो बातें बताना चाहते हैं.”
“पहली तो यह कि यह भविष्य की ओर संकेत करती है- इस कार के लिए जो तकनीक हमने विकसित की है वह रोज़मर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली कारों तक पहुंच जाएगी.”
“दूसरा संदेश यह है कि यहां ब्रिटेन में हम इस तकनीक के राजा हैं. हम मोटर स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग में आगे रहे हैं और अब हम इलेक्ट्रिक मोटर स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग में भी अग्रणी हैं.”
<link type="page"><caption> गूगल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130313_google_streetview_skj.shtml" platform="highweb"/></link> के चेयरमैन एरिक श्मिट ने रेस ट्रैक पर कार की प्रैक्टिस को दो घंटे देखा लेकिन वह रिकॉर्ड बनाते वक्त मौजूद नहीं थे.
लॉर्ड ड्रेसन कहते हैं, “इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में गूगल का बहुत सक्रिय शोध और विकास कार्यक्रम है. तो अच्छा है कि दुनिया की अग्रणी तकनीक कंपनी आज हमारे आयोजन में शामिल हुई.”
आईएचएस ग्लोबल इनसाइट में ऑटो विश्लेषक पॉल न्यूटन कहते हैं कि ऐसे आयोजन इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने की अच्छी कोशिश हैं. लेकिन साथ ही सवाल करते हैं कि ऐसी कितनी तकनीकें <link type="page"><caption> सचमुच सड़कों पर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/05/130527_police_car_vehicles_ap.shtml" platform="highweb"/></link> उतरने में कामयाब हो पाएंगी.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) </bold>












