ब्रह्माण्ड की कोख में झांकने वाले का आखिरी सलाम

हर्शेल
इमेज कैप्शन, इस वेधशाला ने कई अहम तस्वीरें और आंकड़े भेजे.
    • Author, जोनाथन अमोस
    • पदनाम, विज्ञान संवाददाता, बीबीसी

सुदूर अंतरिक्ष में चक्कर लगी रही एक अरब यूरो लागत की वेधशाला हर्शेल का संचालन बंद कर दिया गया है.

नियंत्रकों ने सोमवार को यान के ईंधन टैंकों को खाली कर दिया और उसे सभी तरह के संपर्क समाप्त करने का कमांड दिया.

ये वेधशाला अब धरती से 21.4 लाख किलोमीटर दूर धीरे-धीरे सूर्य के आसपास मंडरा रही है.

कई अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हर्शेल अंतरिक्ष में स्थापित की जाने वाली अपनी तरह की सबसे सशक्त वेधशाला थी. इसे 2009 में प्रक्षेपित किया गया था.

अपने चार साल के संचालन के दौरान इस वेधशाला ने कई तस्वीरें और आंकड़े भेजे जिससे तारों की उत्पत्ति और आकाश गंगा के विकास के बारे में समझने में मदद मिली.

अंतिम कमांड

जर्मनी के दार्मस्टेड स्थित यूरोपीय अंतरिक्ष संचालन केन्द्र ने सोमवार को 12 बजकर 25 मिनट पर संचार ट्रांसपोंडर बंद करने के लिए अंतिम कमांड भेजा.

रेडियो संदेश को हर्शेल तक पहुंचने में छह सेकेंड लगे और इसके बाद धरती पर मौजूद केन्द्र को इस बात की पुष्टि करने में छह सेकेंड लगे कि वेधशाला के संपर्क टूट चुका है.

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के हर्शेल यान संचालन मैनेजर मिख श्मिट ने कहा, “ये वास्तव में एक खूबसूरत यान था.”

उन्होंने बीबीसी न्यूज़ से कहा, “इस यान ने कभी भी हमें ज़्यादा परेशान नहीं किया. इससे हमें बेहद आसानी हुई और हम उसका अधिक से अधिक इस्तेमाल कर सके.

सेवामुक्त

हर्शेल ने अपने अंतिम हीलियम कूलेंट का इस्तेमाल कर लिया था जिसके बाद उसे सेवामुक्त करना जरूरी हो गया था. हीलियम के खत्म हो जाने के बाद हर्शेल एक तरह से अंधा हो गया था.

सात मीटर लंबे इस अंतरिक्षयान को सेवामुक्त किए जाने के साथ ही इसके हाइड्राजीन प्रणोदक टैंक भी खाली कर दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी तरह के जोखिम से बचा जा सके.

श्मिट ने कहा, “हर्शेल अब कभी भी पृथ्वी से संपर्क नहीं साधेगा. हालांकि हम उसे दोबारा कमांड दे सकते हैं लेकिन हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं है.”

हर्शेल को हालांकि सेवामुक्त कर दिया गया है लेकिन इससे मिले आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण जारी रहेगा.

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