चीन का सबसे लंबा अंतरिक्ष अभियान शुरु

- Author, जोनाथन अमोस,
- पदनाम, विज्ञान संवाददाता, बीबीसी
अंतरिक्ष स्टेशन के विकास की ओर कदम बढ़ाते हुए <link type="page"><caption> चीन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/06/120609_china_space_tb.shtml" platform="highweb"/></link> ने अपने नए <link type="page"><caption> अंतरिक्ष यान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/06/120616_china_spaceship_launch_adg.shtml" platform="highweb"/></link> का प्रक्षेपण किया है. शनजो-10 नाम का यह अंतरिक्ष यान एक मानवयुक्त यान है.
शनजो-10 में एक महिला समेत तीन अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं. ये यात्री मंगोलिया के जिउक्वान सेटेलाइट सेंटर से लॉंग मार्च 2एफ रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजे गए हैं. चीन के समयानुसार वह वक्त था 17:38 (09:38 जीएमटी).
चीन का यह अंतरिक्ष अभियान 15 दिन का है. इन 15 दिनों में शनजो-10 एक खास <link type="page"><caption> अंतरिक्ष प्रयोगशाला</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/05/120525_space_telescope_tb.shtml" platform="highweb"/></link> से जुड़ेगा.
इस मिशन की कमान नेई हेईशेंग के हाथों में है. उनके अलावा चालक दल में वांग येपिंग और झांग जियायोगुआंग शामिल हैं. योजना के अनुसार ये तीनों यात्री तियानगोंग अंतरिक्ष प्रयोगशाल में दो हफ्ते बिताएंगे.
वांग येपिंग अंतरिक्ष में जाने वाली दूसरी चीनी महिला अंतरिक्ष यात्री हैं. वे अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देंगी. ऐसा चीन में पहली बार होगा.
सबसे लंबा अभियान

अंतरिक्ष में चीन का मानवयुक्त यान भेजने का यह पांचवां और सबसे लंबा अभियान है. इसे शनजो-10 का नाम दिया गया है.
<link type="page"><caption> पृथ्वी से ऊपर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/06/120601_milkyway_andromeda_tb.shtml" platform="highweb"/></link> एक स्थानीय और मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की चीन की योजना की ओर यह सबसे महत्वपूर्ण और ताज़ा कदम है.
तियानगोंग एक अंतरिक्ष प्रयोगशाला है. इसे अंतरिक्ष में 2011 में भेजा गया था. इसे रिमोट कंट्रोल से संचालित किया गया था.
शनजो-9 चीन का चौथा अंतरिक्ष अभियान था,जिसमें इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा गया.
शनजो-9

शनजो-9 के <link type="page"><caption> चालक दल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/05/120522_spacex_california_jk.shtml" platform="highweb"/></link> में चीन की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री ल्यू यांग शामिल थीं. यह यान जून 2012 में करीब 10 दिनों तक अपने मॉड्यूल से जुड़ा रहा था.
नेई और उनकी टीम की योजना इस बार अंतरिक्ष में 10 से ज्यादा दिन बिताने की है. और शनजो-9 की ही तरह इस अभियान के दौरान ऑटोमेटिक और मैनुअल दोंनो तरह के वाकिंग की भी योजना है.
चीन को उम्मीद है कि वह इस दशक के अंत तक पूरी तरह से <link type="page"><caption> विकसित अंतरिक्ष स्टेशन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/05/120515_jupiter_mission_tb.shtml" platform="highweb"/></link> का प्रक्षेपण कर सकेगा.
अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका भार (द्रव्यमान) 60 टन है और इसमें कई इंटरलॉकिंग मॉड्यूल मौजूद हैं.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की ही तरह इसमें सबसे लंबे समय तक रहने वाले यात्री होंगे. इन यात्रियों तक जरूरी चीजें रोबोट पहुंचाएंगे.
<bold>(बीबीसी हिन्दी का <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक कीजिए. ताज़ा अपडेट्स के लिए आप हम से <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर जुड़ सकते हैं)</bold>












