ठीक हुई अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में आई ख़राबी

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के कूलिंग सिस्टम यानी उसे ठंडा रखने वाले तंत्र में आई ख़राबी को दो अमरीकी <link type="page"><caption> अंतरिक्ष </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/05/130501_space_music_photojournal_pk.shtml" platform="highweb"/></link>यात्रियों ने एक पंप बदलकर ठीक कर दिया है.
इसके लिए उन्हें <link type="page"><caption> अंतरिक्ष </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/12/121218_satellites_moon_sa.shtml" platform="highweb"/></link>में चहलक़दमी करनी पड़ी.
क्रिस कैसेडी और टॉम मार्शबर्न ने इस काम को तय समय से एक घंटे पहले ही पूरा कर लिया.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौज़ूद वैज्ञानिकों ने गुरुवार को प्रयोगशाला से दूर बिखरे अमोनिया के कण देखे थे.
कोई ख़तरा नहीं
<link type="page"><caption> अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/12/121213_nasa_everest_pp.shtml" platform="highweb"/></link> ने कहा है कि इससे दल को कोई ख़तरा तो नहीं था. लेकिन अंतरिक्ष स्टेशन के प्रबंधक इस ख़राबी को मार्शबर्न के स्टेशन से पृथ्वी पर रवाना से पहले ही ठीक कर लेना चाहते थे.
मार्शबर्न अगले हफ़्ते अंतरिक्ष केंद्र के कनाडाई कमांडर क्रिस हैडफ़िल्ड और रूसी अंतरिक्ष यात्री रोमन रोमानकेव के साध पृथ्वी के लिए रवाना होने वाले हैं.
अंतरिक्ष केंद्र पर तरल अमोनिया का इस्तेमाल इसके इलेक्ट्रानिक सिस्टम से पैदा हुई गर्मी को निकालने में किया जाता है. इस अतिरिक्त ऊर्जा को रेडियटर के जरिए अंतरिक्ष में फेंका जाता है.
क्रिस हैडफ़िल्ड ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है,''अब कही रिसाव नहीं है. अंतरिक्ष में करीब साढ़े चार घंटे की चहलक़दमी करने के बाद टॉम और क्रिस हम अंदर ला रहे हैं.''
यह रिसाव उस जगह पर हो रहा था, जहाँ इस प्रयोगशाला का एक विशाल सोलर पैनल जुड़ता है. गुरुवार को हैडफ़िल्ड ने अंतरिक्ष में अमोनिया के टुकड़ों को देखने की सूचना दी थी.
यह पहली बार नहीं है, जब अंतरिक्ष केंद्र के कूलिंग सिस्टम में खराबी आई हो. ठीक इसी जगह पर 2007 में एक छोटे रिसाव का पता चला था. उसे दूर करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों ने 2012 में अंतरिक्ष में चहलक़दमी की थी.
हालांकि इससे स्टेशन पर मौजूद वैज्ञानिकों को कोई ख़तरा नहीं था. लेकिन यह स्टेशन के वैज्ञानिक कार्यों को प्रभावित कर सकता था.
इस समय इस स्टेशन पर छह अंतरिक्ष यात्री काम कर रहे हैं.












