क्या भूख पर लग सकती है लगाम?

क्या विज्ञान के जरिए <link type="page"><caption> भूख</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130306_america_hunger_food_adg.shtml" platform="highweb"/></link> पर नियंत्रण पाया जा सकता है? मुमकिन है कि इस सवाल का जवाब हां में हो जाए. दरअसल वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क में कोशिकाओं के एक ऐसे समूह की पहचान की है जिसमें भूख को नियंत्रित करने की ताकत है.
इन्हीं कोशिकाओं की वजह से खाने की <link type="page"><caption> आदत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130329_obesity_chip_vd.shtml" platform="highweb"/></link> गड़बड़ हो जाती है जिससे मोटापे जैसी स्थिति पैदा होती है.
कुतरने वाले जानवर मसलन चूहे, गिलहरी आदि पर किए गए प्रयोगों से अंदाजा मिला है कि टैनिसाइटिस नाम की कोशिकाएं न्यूरॉन पैदा करती हैं जो विशेष रूप से भूख को नियंत्रित करता है.
इस जानकारी से मस्तिष्क की स्टेम कोशिकाओं के बारे में समझ और बढ़ेगी जिसके जरिए ऐसी दवा बनाने की कोशिश हो सकती है जो भूख को नियंत्रित करने वाले न्यूरॉन की संख्या और उसके काम को व्यवस्थित कर सके.
बढ़ती भूख
ईस्ट एंग्लिया विश्वविद्यालय के <link type="page"><caption> शोधकर्ताओं</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/02/120208_hunger_death.shtml" platform="highweb"/></link> का कहना है कि उन्होंने अपने शोध में यह निष्कर्ष निकाला है कि भूख जन्म के समय से ही तय नहीं होती है.
उनका यह शोध 'जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस' में प्रकाशित हुआ है.
पहले यह माना जाता था कि भूख को नियंत्रित करने वाली मस्तिष्क में मौजूद <link type="page"><caption> तंत्रिका कोशिकाएं</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/02/120201_tea_gardern1_skj.shtml" platform="highweb"/></link> गर्भ में भ्रूण के विकास के दौरान बनती हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है.
लेकिन यूएई के शोध में युवा और बड़े चूहों व गिलहरी के दिमाग में स्टेम कोशिकाओं की तरह काम करने वाले टैनिसाइटिस की खोज से यह अंदाजा मिलता है कि भूख में बदलाव किया जा सकता है.
शोधकर्ताओं ने दिमाग के एक अहम हिस्से हाइपोथैलेमस पर गहराई से अध्ययन किया जो नींद, ऊर्जा ह्रास, भूख, प्यास और कई अन्य महत्वपूर्ण जैविक कार्यों को नियंत्रित करता है.
उन्होंने 'जेनेटिक फेट मैपिंग’ तकनीक का उपयोग करते हुए तंत्रिका कोशिकाओं का अध्ययन किया जो भूख को नियंत्रित करती हैं.
उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि कुछ कोशिकाओं ने जन्म के बाद से लेकर वयस्क होने तक चूहे के दिमाग में भूख को नियंत्रित करने वाले तंत्र में न्यूरॉन जोड़ा.
कैसे होता है नियंत्रण

विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रमुख शोधकर्ता मोहम्मद हाजी हुसैनी का कहना है कि इस खोज से मोटापे से निपटने के लिए एक स्थायी समाधान की पेशकश की जा सकती है लेकिन इस खोज को मानव शरीर पर आजमाने में अभी पांच या दस साल लग सकते हैं.
उन्होंने कहा, “इस अध्ययन से पता चला है कि भूख पर नियंत्रण करने वाले तंत्रिका तंत्र के चक्र की संख्या तय नहीं है और संभवतः खाने से जुड़े विकारों से निपटने के लिए इसकी संख्या में फेरबदल किया जा सकता है.”
हाजी हुसैनी का कहना है, “अगला कदम जीनों के समूह और कोशिकाओं की प्रक्रिया को परिभाषित करना है जो टैनिसाइटिस की गतिविधि और व्यवहार को नियंत्रित करता है.”
वह कहते हैं कि भूख को नियंत्रित करने के लिए भले ही कोई एक उपाय न हो लेकिन मोटापे से जुड़ा कोई भी समाधान दिमाग के हिस्से से जरूर जुड़ा होगा जिससे भूख से जुड़े फैसले होते हैं.












