आदमी की आवाज़ निकालने वाला हाथी

दक्षिण कोरिया में एक हाथी ने कोरियाई भाषा सीखने की अपनी अद्भुत क्षमता के कारण वैज्ञानिकों को आश्चर्य में डाल दिया है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि ये हाथी मनुष्य की आवाज की नकल करता है और कोरियाई भाषा में पांच शब्दों को अच्छे तरीके से बोल लेता है. कोरियाई भाषा के इन शब्दों का अर्थ है- हेलो, नहीं, बैठ जाओ, लेट जाओ और अच्छा.
कोशिक नाम का कोरियाई चिड़ियाघर का ये हाथी अपनी सूँड़ को मुँह के अंदर डालकर अपनी सामान्य तौर पर चिग्घाड़ने की आवाज़ इस तरह से निकालता है जैसे कि वो आदमी की आवाज़ हो.
कोशिक की इस अद्भुत गतिविधि संबंधी रिपोर्ट करेंट बायोलॉजी नामक पत्रिका में छपी है.
कोशिक के बोलने की क्षमता से ये पता चलता है कि हाथी भी उन जानवरों की सूची में शामिल हो सकते हैं जो आदमी की आवाज़ की नकल करते हैं. इस तरह के जानवरों में अभी तक तोते और मैना पक्षी से लेकर समुद्री शेर और बेलुगा व्हेल शामिल हैं.
यू ट्यूब
ऑस्ट्रिया में वियना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और इस शोध की प्रमुख लेखक डॉक्टर एंगेला स्टॉएगर का कहना है कि उन्हें कोशिक के बारे में सबसे पहले उसके वीडियो देखकर पता लगा. ये वीडियो दक्षिण कोरिया के एवरलैंड चिड़ियाघर ने यू ट्यूब पर डाल रखा था.
एंगेला इसके बाद चिड़ियाघर गईं और उन्होंने हाथी की बोलने की क्षमता को रिकॉर्ड किया.
डॉक्टर स्टॉएगर और उनके साथियों ने इस बात की पुष्टि की ये हाथी कोरियाई भाषा में इन पाँच शब्दों का बेहतरीन उच्चारण करता है.

आमतौर पर हाथी बहुत ऊँची आवाज़ में चिंघाड़ते हैं और उनकी आवाज मीलों दूर तक सुनाई देती है.
डॉक्टर स्टॉएगर कहती हैं, “ये हाथी अपनी सूँड़ के ऊपरी भाग को मुँह में डालकर अपनी आवाज़ निकालने की कोशिश करता है.”
वो आगे कहती हैं, “हमने इसकी एक्स रे से तस्वीर नहीं ली है, इसलिए हम वास्तव में ये जानने का दावा नहीं कर सकते कि हाथी के मुँह में क्या हो रहा है. लेकिन इतना तो तय है कि उसने आवाज निकालने का एक नया तरीका ईजाद किया है.”
हालांकि कोशिक की आवाज लोगों को काफी अपील कर रही है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें इस पर यकीन नहीं होता कि हाथी जिन शब्दों का उच्चारण कर रहा है, इनकी उसे कोई समझ है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि पाँच से लेकर 12 साल की उम्र तक कोशिक इस चिड़ियाघर में अकेला हाथी था और हाथियों के विकास के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण उम्र होती है.












