
असली और नकली की जंग.
दुनिया की दो सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों एपल और सैमसंग के बीच अमरीका के कैलिफोर्निया राज्य में नए सिरे से कानूनी जंग छिड़ गई है.
एपल का आरोप है कि सैमसंग ने उसके आईफोन और आईपैड के डिजाइन की नकल की है जबकि सैमसंग न सिर्फ इन आरोपों को खारिज करता है बल्कि एपल पर अपने डिजाइन की नकल करने के आरोप भी लगाता है.
दोनों कंपनियां इससे पहले भी दुनिया के कई हिस्सों में एक दूसरे के खिलाफ इस तरह के मुकदमे कर चुकी हैं.
कैलिफोर्निया में मुकदमे की शुरुआत में एपल के वकील ने सैमसंग के 2006 में बने फोनों की तुलना 2010 में बने फोनों से की जो आईफोन के बाद आए थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि सैमसंग के बाद वाले फोनों के डिजाइन में आईफोन की नकल की गई है. उन्होंने कहा, नकल करना नई चीज बनाने से कहीं आसान होता है.
अपनी अपनी दलीलें
वकील ने सैमसंग के अंदरूरी दस्तावेजों से भी ये बात साबित करने की कोशिश की जिनके मुताबिक दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने आईफोन की नकल करने का फैसला किया था.

दोनों कंपनियों के बीच बाजार में अपना दबदबा कायम करने की होड़ लगी है.
एपल सैमसंग से 2.5 अरब डॉलर का हर्जाना चाहती है.
वहीं सैमसंग कंपनी इन आरोपों को सिरे से खारिज करती है. कंपनी के वकीलों ने भी सात पुरूषों और दो महिलाओं वाली ज्यूरी के सामने अपनी दलीलें पेश कीं. इस मुकदमे की सुनवाई सैन जोस की संघीय अदालत में हो रही है और इसमें चार हफ्तों का वक्त लग सकता है.
दोनों ही कंपनियां तेजी से बढ़ते मोबाइल बाजार पर छा जाना चाहती हैं और एक दूसरे को पछाड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती हैं.
अगर इस मुकदमे का फैसला अमरीकी कंपनी एपल के हक में जाता है तो अमरीका में सैमसंग के उत्पादों की ब्रिक्री पर बड़ा असर पड़ेगा लेकिन अगर सैमसंग की जीत होती है तो एपल के उत्पादों के दामों में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं.








