एड्स निरोधक दवा को अनुमति देने की सलाह

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अमरीका में विशेषज्ञों की एक सलाहकार समिति ने अमरीकी खाद्य और औषधि प्रशासन को सलाह दी है कि वो एड्स निरोधक दवा 'ट्रूवाडा' के इस्तेमाल को स्वीकृति दे.
समिति ने अधिकारियों से कहा कि रोजाना लेने वाली इस दवा ट्रूवाडा को ऐसे लोगों को दिया जा सकता है जिनपर एचआईवी वायरस से संक्रमित होने के खतरा ज्यादा है.
अगर सहमति मिल जाती है तो ट्रूवाडा अमरीका में पहली एड्स निरोधक दवा होगी.
ट्रूवाडा एचआईवी संक्रमित लोगों को पहले से ही दी जाती है लेकिन पहली बार इसे एड्स के संक्रमण को रोकने के लिए देने की बात की जा रही है.
'संक्रमण रोकने में कारगर'
सलाहकार समिति ने कहा है कि ये दवाई समलैंगिक पुरुषों में एचआईवी वायरस को फैलने से रोक सकती है.
साथ ही ऐसे लोग जिनके साथी को एचआईवी वायरस है, ये दवा उनके लिए भी मददगार साबित हो सकती है.
अमरीकी खाद्य और औषधि प्रशासन विशेषज्ञ समिति की सलाह मानने को बाध्य नहीं है लेकिन ज्यादातर ऐसी सलाहें मान ली जाती हैं.
कुछ स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस दवा से लोगों में जोखिम भरा आचरण करने को बढावा मिल सकता है.
लेकिन संवाददाताओं के अनुसार ये फैसला एड्स से लड़ाई में नया अध्याय बन सकता है.
वर्ष 2010 की एक शोध के मुताबिक कैलिफोर्निया की एक कंपनी द्वारा बनाई जाने वाली ट्रूवाडा से स्वस्थ समलैंगिक पुरुषों में और एचआईवी पॉजिटिव पार्टनर के विपरीत लिंग वाले एचआईवी निगेटिव साथी में इस वायरस के खतरे को 73 प्रतिशत से घटाकर 44 प्रतिशत कर देता है.
इस दवा का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि इससे लोगों में एड्स से बचने की गलत सुरक्षा भावना बैठ जाएगी और वो असुरक्षित संबंध ज्यादा बनाने लगेंगे.
ट्रूवाडा की ज्यादा कीमतों पर भी सवाल है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इसपर ज्यादा धन खर्च होने से दूसरे किफायती इलाजों के लिए पैसा कम बचेगा.












