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लहसुन, चुकंदर और तरबूज़ से क्या ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है?
ब्रिटेन के डॉक्टर क्रिस वान टुल्लेकेन ने उन दावों की सच्चाई परखी कि क्या वाक़ई में चुकंदर, लहसुन और तरबूज़ खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. आख़िर सच्चाई क्या है?
दिल की बीमारी वाले मरीज़ों के लिए हाई ब्लड प्रेशर एक बहुत बड़ा ख़तरा है. ब्रिटेन में इस बीमारी से ही सबसे ज़्यादा मौतें होती हैं.
यदि इन तीनों चीज़ों को लेकर किए जाने वाले दावे सही हैं तो फिर ये खाद्य पदार्थ बहुत बड़े 'जीवन रक्षक' साबित हो सकते हैं.
किंग्स कॉलेज लंदन के डॉ. एंडी वेब भी इन खाद्य पदार्थों को लेकर होने वाले दावों की सच्चाई परखने के लिए बड़े स्तर पर एक प्रयोग कर रहे हैं.
उन्होंने यह समझने की कोशिश कि वास्तव में इनका क्या असर होता है.
कैसे किया गया यह प्रयोग?
इस प्रयोग में ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझने वाले कुल 28 वॉलिंटियरों को चुना गया. इन सबका अधिकतम ब्लड प्रेशर 130mm से ज़्यादा था, जबकि किसी वयस्क इंसान में इसे 120 होना चाहिए. इन सभी वॉलिंटियर्स को तीन समूहों में बांटा गया.
पहले हफ़्ते 'समूह 1' के वॉलिंटियरों को हर रोज़ लहसुन की दो कलियां खाने को दी गई. 'समूह 2' को तरबूज़ के दो बड़े टुकड़े रोज़ खिलाए गए. वहीं 'समूह 3' के हर सदस्य को प्रतिदिन दो चुकंदर खाने को दिए गए.
दूसरे और तीसरे हफ़्ते में हर समूह को खिलाई जाने वाली चीज़ें आपस में बदल दी गईं. इस तरह तीन हफ़्तों के दौरान हर समूह के सभी वॉलिंटियर्स ने तीनों चीज़ें खा लीं.
लहसुन, चुकंदर और तरबूज़ में ऐसा क्या ख़ासहै?
हम मीडिया में चलने वाले शब्द 'सुपरफूड्स' को तवज्जो नहीं देते हैं, लेकिन यह सच है कि खाने पीने वाली कई चीज़ें हमारे शरीर पर बहुत अच्छा प्रभाव डालते हैं.
इसलिए हमने इन तीन चीज़ों को टेस्ट किया, जिसके बारे में माना जाता है कि खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है.
सिद्धांत रूप में, खाने पीने वाली ये तीनों चीज़ें हमारे ब्लड प्रेशर को कम करती हैं.
इनके काम करने का तरीक़ा ये होता है कि इससे ख़ून की हमारी नली चौड़ी हो जाती हैं, जिससे हमारा ख़ून आसानी से बह पाता है. लेकिन इन तीनों चीज़ों का असर एक जैसा नहीं होता है.
टेस्ट के नतीज़े क्या रहे?
हर वॉलिंटियर के ब्लड प्रेशर को दिन में दो बार सुबह और शाम मापा गया. हर बार तीन आंकड़े लिए गए और उनके औसत निकाले गए. इसके बाद इन तीनों खाद्य पदार्थों के प्रभाव को जानना संभव हो सका. इन आंकड़ों से पता चल पाया कि आख़िरकार किस खाद्य पदार्थ का सबसे ज़्यादा असर हो रहा है.
इस प्रयोग के दौरान समूह के सभी सदस्य जब सामान्य ज़िंदगी जी रहे थे तो इनका औसत ब्लड प्रेशर 133.6mm पाया गया. चुकंदर खाने वाले समूह का औसत ब्लड प्रेशर 128.7mm पाया गया, जबकि लहसुन खाने वालों का 129.3mm.
इस छोटे से समूह पर किए जा रहे प्रयोग के आंकड़े डॉ. वेब और अन्य द्वारा किए गए बड़े अध्ययन के नतीज़ों से मेल खा रहे थे.
हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी के बीच के संबंधों पर किए गए इन अध्ययनों से पता चल रहा था कि ब्लड प्रेशर में हुई ये गिरावट यदि ऐसी ही बनी रही तो स्ट्रोक और हर्ट अटैक का ख़तरा 10 फ़ीसदी तक घट सकता है.
तरबूज़ का वैसा बड़ा प्रभाव नहीं दिखा. इससे ब्लड प्रेशर की अधिकतम सीमा केवल 129.8mm तक ही जा पायी. ऐसा शायद इसलिए कि तरबूज़ में अधिकतर पानी ही होता है, उसमें सक्रिय तत्त्वों की कमी होती है.
प्रयोग से हमें क्या मिला?
हमारा यह छोटा सा अध्ययन बताता है कि नियमित तौर पर चुकंदर और लहसुन खाने से हमें ब्लड प्रेशर घटाने में मदद मिल सकती है. लेकिन ऐसा केवल इन्हीं दो चीज़ों को खाने से नहीं होता.
चुकंदर में मुख्य रूप से जो नाइट्रेट पाया जाता है, वो उदाहरण के लिए तमाम हरी सब्ज़ियों जैसे अजवाइन, पत्तागोभी, जलकुंभी, आर्गुला, पालक, ब्रोकली आदि में पाया जाता है.
वहीं लहसुन में मुख्य तौर पर एलिसिन होता है, जो प्याज और उस जैसी दूसरी प्रजातियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
इस टेस्ट से हमें पता चला कि कई ऐसी चीज़ें हैं जिससे हमारे ब्लड प्रेशर को कम रखने में मदद मिल सकती है. लेकिन उनके असर कितने प्रभावी होंगे, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि हम उन्हें कैसे उपयोग करते हैं.
सब्ज़ियों और सागों में नाइट्रेट को कैसे बचाएं?
- सलाद और सब्ज़ियों को कच्चे ही खाएं. सब्ज़ियों में पाया जाने वाला नाइट्रेट तभी सुरक्षित रह पाता है जब उन्हें पकाया न जाए. जब उन्हें पकाया या भूना जाता है तो नाइट्रेट की मात्रा कम हो जाती है.
- नाइट्रेट पानी में घुल जाता है. इसलिए जब हम इन सब्ज़ियों और सागों को उबालते हैं तो उनमें मौजूद कुछ नाइट्रेट पानी में घुल जाता है. इनका अचार बनाने पर भी नाइट्रेट बर्बाद हो जाता है.
- यदि आप चुकंदर उबालते हैं, तो उसे वैसे ही उबालिए जैसा कि वो है. यदि उबालने से पहले आप उसके ऊपरी या निचले हिस्से को काटते हैं तो फिर ग़लत होगा.
- चुकंदर का रस पीएं. उसके रस में अधिकांश नाइट्रेट सुरक्षित रह जाता है.
- सूप बनाकर लें. पानी में घुलने वाला नाइट्रेट घुलकर भी सूप में ही रहता है. इसलिए सूप लेना ठीक होता है.
- सब्ज़ियों या सागों को उबालने से बेहतर है कि उसे भाप में पकाकर खाएं. यदि उबालना ही हो तो कम पानी में उबालें. उबालने के बाद बचे हुए पानी का इस्तेमाल सूप या दूसरी चीज़ें बनाने में कर सकें तो ठीक रहेगा.
लहसुन का उपयोग कैसे करें?
- लहसुन को अच्छे से पीस लें या जितना संभव हो उसे उतना बारीक टुकड़ों में काट लें. आप उसे जितना अच्छे से पीसेंगे या काटेंगे उससे उतना ही एलिसिन निकलेगा.
- पीसने या काटने के बाद लहसुन को जितना ज़ल्दी संभव हो उसे उपयोग में लाएं. सूप या खाने के लिए तैयार की गई सब्ज़ियों में ऊपर से डालकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. टोस्ट और मशरूम जैसी चीज़ों में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
- आप ताज़ा लहसुन को जैसे ही पीसते या काटते हैं, वैसे ही उसमें मौजूद एलिसिन तेज़ी से ख़राब होने लगता है.
- माइक्रोवेव में लहसुन को न डालें. आंच पर एलिसिन बहुत तेज़ी से ख़राब होता है, लेकिन माइक्रोवेव में तो यह पूरी तरह बर्बाद ही हो जाता है.
- चेतावनी: लहसुन का बहुत ज़्यादा सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं होता. अधिक लहुसन खाने से जलन और पाचन ख़राब हो सकता है.
जीवनशैली बदलने से भी कम हो सकता है हाई ब्लड प्रेशर
कई लोग अपनी जीवनशैली बदलकर केवल कुछ ही हफ़्तों में अपना हाई ब्लड प्रेशर घटाने में सफल रहे हैं. इसके मरीज़ों को सलाह दी जाती है कि:
- वे शारीरिक तौर पर सक्रिय रहें.
- अपना खान-पान बढ़िया रखें. कम वसा वाला भोजन लें, भोजन में सभी तत्वों का संतुलन हो, पर्याप्त हरी साग और सब्ज़ियों को लें.
- शराब और धुम्रपान से जहां तक हो सके, दूर रहें.
- वज़न को नियंत्रित रखें.
- रोज़ 6 ग्राम से ज़्यादा नमक न खाएं.
- कॉफी, चाय और ठंडे पेय पदार्थ कम से कम लें. दिन में चार कप कॉफी से ज़्यादा पीने पर ब्लड प्रेशर के बढ़ने का ख़तरा होता है.
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