कोरोना वायरस की चपेट यूं फंसे हैं करोड़ों लोग

    • Author, विजुअल जर्नलिज़्म टीम
    • पदनाम, नई दिल्ली

दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के पाँच लाख 37 हज़ार मामले सामने आ चुके हैं. दक्षिणी यूरोप अब इस संकट का केंद्र बन गया है. अमरीका में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

नक्शे और चार्ट के ज़रिए आपको मौजूदा हालात को समझने में आसानी होगी.

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेज़ी से फैल चुका है. दुनिया के 199 देश इससे प्रभावित हैं और हज़ारों की मौत हो चुकी है.

वैश्विक महामारी जो लगातार बढ़ रही है

यह वायरस कई देशों में तेज़ी से पैर पसार रहा है. ये वायरस चीन के वुहान से फैलना शुरू हुआ था लेकिन अब चीन के बाहर ही इस वायरस के चार लाख 55 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है.

माना जा रहा है कि कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की असली संख्या कहीं ज़्यादा होगी क्योंकि कई लोगों में अभी इसके हल्के लक्षण ही नज़र आ रहे हैं और इनके अभी तक टेस्ट नहीं किए गए हैं. ऐसे लोगों को कोरोना से पीड़ित मरीज़ों में अभी नहीं गिना जा रहा है.

इटली में इस महामारी की वजह से सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं. यहां अब तक 9,134 लोगों को जान गंवानी पड़ी है.

यूएस, स्पेन, जर्मनी और ईरान में भी बड़ी तादाद में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले समाने आए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि यूएस इस महामारी का अगला केंद्र बन सकता है.

कोरोना वायरस की शुरुआत भले चीन से हुई लेकिन इससे होने वाली सबसे ज़्यादा मौतें इटली और स्पेन में जारी हैं. इटली में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक 9,134 लोगों की जान जा चुकी है और स्पेन में 4,858. दोनों संख्या को मिला दें तो मरने वालों की संख्या 13 हज़ार 992 पहुंच जाती है.

भारत में पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया गया है.

नवंबर 2019 में चीन के वुहान में कोरोना वायरस के संक्रमण शुरू होने के बाद से चीन में 80,000 से ज़्यादा लोगों को इस वायरस ने अपनी चपेट में लिया था.

लेकिन, तीन महीने से ज़्यादा वक्त के बाद अब इस पर क़ाबू पाने की कोशिशें के रंग लाती दिख रही हैं. ऐसे में चीन अब वुहान को 8 अप्रैल को लॉकडाउन से आंशिक रियायत देने की योजना बना रहा है.

आजादी पर लगी पाबंदी

भारत भी अब उन देशों की लिस्ट में जुड़ गया है जिन्होंने अपने यहां लॉकडाउन को लागू किया है. सवा अरब आबादी वाला देश भारत 21 दिनों के लिए बंद है.

दुनिया की 7.8 अरब की आबादी का एक चौथाई हिस्सा कोरोना वायरस की वजह से घरों से नहीं निकल पा रहा.

दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में भी लोगों की आवाजाही कम हो गई है.

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