चंद्रयान-2 से ली गई पहली तस्वीरें जारी

चंद्रयान-2 से ली गई पहली तस्वीरें जारी

इमेज स्रोत, iSro

चांद की ओर निकले भारत के चंद्रयान-2 मिशन ने पहली बार कुछ तस्वीरें भेजी हैं. ये तस्वीरें पृथ्वी की हैं, जो अलग-अलग एंगल से ली गई हैं.

इन तस्वीरों को इसरो ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है और लिखा है कि "चंद्रयान-2 में विक्रम लैंडर से क्लिक की गई पृथ्वी की सुंदर तस्वीरों का पहला सेट."

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चंद्रयान-2 ने ये तस्वीरें 3 अगस्त 2019 को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर लीं.

चंद्रयान-2 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दोपहर बाद 2:43 पर लॉन्च किया गया था. इसे बाहुबली के नाम से जाने जाने वाली जीएसएलवी एमके 3 रॉकेट की मदद से लॉन्च किया गया था.

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भारत का चांद पर यह दूसरा मिशन है. भारत ने चांद पर अपना ये मिशन तब भेजा, जब अपोलो 11 के चांद मिशन की 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है.

भारत का चंद्रयान-2 चांद के अपरिचित दक्षिणी ध्रुव पर सितंबर के पहले हफ़्ते में लैंड करेगा.

वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद का यह इलाक़ा काफ़ी जटिल है. वैज्ञानिकों के अनुसार यहां पानी और जीवाश्म मिल सकते हैं.

चंद्रयान 2 में तीन चरण हैं, पहला आर्बिटर है जो चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाएगा. दूसरा हिस्सा लैंडर है जिसे विक्रम नाम दिया गया है वो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा.

लैंडर से इसके बाद रोवर निकलेगा जिसे प्रज्ञान नाम दिया गया है जो जानकारियां एकत्रित करेगा.

भारत का चंद्रयान 2 मिशन इस मायने में ख़ास है कि यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की कोशिश करेगा. अब तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कोई यान नहीं उतर पाया है.

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भारत के पहले मार्स सैटलाइट की लागत स्पेस विज्ञान पर बनी फ़िल्म ग्रैविटी से भी कम थी. चंद्रयान-2 की लागत 14.1 करोड़ डॉलर है जो कि अमरीका के अपोलो प्रोग्राम की लागत 25 अरब डॉलर से कम है.

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भारत ने इससे पहले चंद्रयान-1 2008 में लॉन्च किया था. यह भी चांद पर पानी की खोज में निकला था. भारत ने 1960 के दशक में अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया था और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे में यह काफ़ी ऊपर है.

पृथ्वी से चांद की औसत दूरी तीन लाख 84 हज़ार किलोमीटर है.

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