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कीनिया: दुनिया का आखिरी सफेद गैंडा अब 'डेटिंग ऐप पर'
दुनिया में दुर्लभ नस्ल का आखिरी सफेद गैंडा डेटिंग ऐप टिंडर से जुड़ गया है.
ये कीनिया में गैंडों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की ओर से चंदा जुटाने की कोशिशों का हिस्सा है.
इस सफेद नर गैंडे की उम्र ढल रही है और वह कीनिया के जंगलों में अपनी दो मादा साथियों के साथ अकेला रह गया है.
उसके प्रजनन की तमाम कोशिशें अब तक नाकाम ही रही हैं.
कार्यकर्ताओं का कहना है कि गैंडों के लिए कृत्रिम रूप से प्रजनन यानी उनके इन वाइट्रो फर्टीलाइज़ेशन (आईवीएफ) तकनीक विकसित करने के लिए एक करोड़ डॉलर की जरूरत है.
कीनिया के इन सफेद गैंडों की नस्ल को खत्म करने में अवैध शिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है जो उसके सींग के लिए उन्हें मारते रहे हैं.
अंतिम बचे नर गैंडे को 24 घंटे कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा जाता है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार सूडान नाम के इस गैंडे की टिंडर पर कुछ इन लफ्जों में कहानी बयान की गई है, "मैं बहुत दूर की बात नहीं कहना चाहता लेकिन हकीकत तो ये है कि मेरी नस्ल की किस्मत सिर्फ और सिर्फ मुझ पर टिकी है."
गैंडों की सुरक्षा और बचाव के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि सूडान के टिंडर प्रोफ़ाइल उन्हें फर्टिलाइज़ेशन प्रक्रिया के लिए जरूरी धन जुटाने में मदद कर सकता है.
एक अनुमान के अनुसार अवैध शिकारी इन सफेद गैंडों के सींग 50 हजार डॉलर प्रति किलो के हिसाब से बेचते हैं.
कार्यकर्ताओं को आशंका है कि 43 वर्षीय सूडान जरूरी रकम जमा होने से पहले ही मर सकता है या मार दिया जा सकता है.
गैंडों के विशेषज्ञ रिचर्ड विग्ने का कहना है, "यह खतरा हमेशा मौजूद है. वह बूढ़ा है. वह ज़रूर जल्द मर जाएगा. जब तक सुदूर पूर्व में गैंडों की सींगों की मांग रहेगी. यह खतरा हमेशा मौजूद रहेगा."
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