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नज़रिया: वो बातें जो सेक्स एजुकेशन के बारे में सिखाई जानी चाहिए
- Author, निक आर्नोल्ड
- पदनाम, बच्चों के विज्ञान संबंधी लेखक
ज़िंदगी में कुछ ऐसे सबक भी होते है जो हम कभी न कभी सीखते तो हैं लेकिन मुश्किल तरीके से ...जैसे सेक्स एजुकेशन.
आइए नज़र डालते हैं कुछ ऐसी बातों पर जो अगर हमें स्कूल की सेक्स एजुकेशन क्लास में सिखाई गईं होतीं तो हमारे जैसे लोग कई तरह की शर्मींदगी से बच जाते.
समलैंगिक समुदाय के बारे में
दुनिया में लाखों लोग ऐेसे हैं जो खुद को लेस्बियन, गे, ट्रांससेक्शुअल और बाइसेक्शुअल मानते हैं.
और कई लोग तो ऐसे हैं जो अंधेरे में हैं और नहीं जानते कि उनके मुद्दे कैसे सुलझाए जाएं, क्या अच्छा है और क्या बुरा.
एलजीबीटी समुदाय के लोगों को भी स्कूल में सेक्स के बारे में बताया जाना चाहिए. अगर उन्हें कोई बताएगा नहीं तो इन लोगों के पास ख़ुद से सीखने के अलावा कोई चारा नहीं होगा.
भावनाओं का क्या
सेक्स के जिस्मानी पहलुओं पर बहुत सारी बातें की जाती हैं लेकिन इसके भावनात्मक स्वरूप का क्या?
हकीकत में भावनाओं का हमारे शरीर पर बहुत असर पड़ता है. हम सब जानते हैं कि सेक्स का आनंद उस व्यक्ति के साथ कितना बढ़ जाता है जिसे हम वाकई पसंद करते हैं.
ठीक इसी तरह हम में से कई लोग सेक्स क्रिया के नतीजों को लेकर मानिसक उलझन में पड़ जाते हैं. सेक्स का असर जितना दिल पर पड़ता है, उतना ही दिमाग पर.
कंडोम से बेहतर ऑप्शन नहीं
हममें से कई लोगों ने ऐसे किस्से सुने होंगे कि गर्भ निरोधक के तौर पर 'कुछ भी' आजमा लिया. ये कभी काम नहीं करते. कंडोम सबसे बेहतर विकल्प हैं.
सेक्स टॉय
ग़ैर अनुभवी लोगों को सिखाने के लिए सेक्स टॉय अच्छा विकल्प हैं. ये कई तरह के रंगों, आकार और शक्ल में आते हैं और सेक्स के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं.
शराब और सेक्स
जब हमने शराब पी रखी हो तो किसी दूसरे व्यक्ति के सामने नग्न होना, आज़ादी भरा अनुभव हो सकता है. लेकिन शराब का ज़्यादा सेवन सेक्स के अनुभव को ख़राब भी कर सकता है.
सेक्स कितनी बार ?
हो सकता है कि आपके दोस्त कहें वो दिन में 20 दफ़ा सेक्स करते हैं. पर ये शायद झूठ है. ऐसी कोई सीमा नहीं है कि कितनी बार सेक्स करना सही है.
कुछ लोगों के लिए रोज़ाना सही है और कुछ लोगों के साल में एक बार करना ठीक है.
हो सकता है हम बहुत थके हुए हों या हमारा ध्यान कहीं और हो .
सेक्स फन है
सेक्स एजुकेशन में हमें सुरक्षित, फौरी जरूरत, बचाव और प्रजनन के बारे में बताया जाता है.
लेकिन इस सीधी सी बात का क्या कि सेक्स से बहुत आनंद मिलता है?
ऑर्गज़्म या संतुष्टि जैसी किसी चीज का अस्तित्व है और इससे वाकई संतोष मिलता है.
सेक्स का भूगोल
सेक्स के भूगोल के बारे में कैसे जानेंगे?
शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंग खास जगहों पर हैं. ये हम सबके लिए बेहतर होगा कि इनकी वस्तुस्थिति के बारे में लोग जानें.
सिक्रेटसेक्स
इसके तौर तरीकों के बारे में थोड़ा बहुत बताया गया था लेकिन इससे जुड़े पूरे तथ्यों को नहीं बताया जाता..जैसे कि सेक्स पूरी तरह से साफ-सुथरा नहीं होता.
यह ठीक वैसा ही है जैसे आप खाना बनाते हैं तो आपसे कई चीजें बिखर जाती हैं और आपको उन्हें साफ करना होता है.
सेक्स में भी ऐसा ही होता है. सौभाग्य से आपके पास नहाने-धोने के लिए पानी होता है और मामूली कीमत पर आप अच्छा तौलिया खरीद सकते हैं.
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