गर्भवती छात्राओं के पढ़ने पर पाबंदी

सियरा लियोन में प्रेगनेंट लड़कियों को स्कूल जाने की मनाही है. तर्क ये है कि उनके जाने से सहपाठी लड़कियों पर बुरा असर पड़ेगा.

इबोला संकट के बाद जब अप्रैल 2015 में स्कूल खुले तो शिक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने एक बयान जारी कर ऐसी किशोरियों को स्कूल में जाने और परीक्षा में बैठने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

इसके लिए लड़कियों का शारीरिक परीक्षण करने का प्रावधान किया गया है.

प्रतिबंध को दो साल पूरे होने वाले हैं लेकिन अभी भी यह जारी है. हालांकि कौशल प्रशिक्षण केंद्र इन लड़कियों के लिए खुले रखे गये हैं.

अलीविया एक्लैंड ने प्रेगनेंट लड़कियों की तस्वीरें लीं और उनकी कहानियों का इकट्ठा किया, जिसमें पता चला कि ऐसी लड़कियां मुश्किल से ही मुख्यधारा में लौट पाती हैं.

20 साल की एम्मा के अनुसार, "प्रेगनेंट होने के बाद मैं कैटरिंग सीखने के लिए लर्निंग सेंटर जाने लगी. पुराने स्कूल में मुझे तब हकीक़त बतानी पड़ी जब टीचर ने मुझे डेस्क पर सोते हुए पाया था. वो मुझे प्रिंसिपल के पास ले गईं और फिर मुझसे यहां न आने के लिए कहा गया."

हेयर ड्रेसर बनने की चाह रखने वाली 18 साल की इसातू कहती हैं, "मैं डॉक्टर बनने का सपना देखती थी लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा हो पाएगा. कभी स्कूल भी जा पाउंगी, ये नहीं लगता."

जनेबा कहती हैं, "मुझे याद है कि प्रिंसिपल ने कहा कि गर्भवती लड़कियां ना आएं, ये स्कूल के लिए बहुत ही शर्मिंदगी भरा है."

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