अरुणा राय ने मनमोहन को लिखे पत्र में केंद्र की आलोचना की
समाजसेविका अरुणा राय ने केंद्र सरकार के उस फ़ैसले की आलोचना की है जिसमें उसने कर्नाटक उच्च न्यायालय के नरेगा पर दिए फ़ैसले को चुनौती दिए जाने का निर्णय लिया है.
राय राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य हैं जिसकी अध्यक्ष सोनिया गाँधी हैं.
न्यायालय ने अपने फ़ैसले में कहा है कि मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं दिया जा सकता. अदालत ने आदेश दिया था कि मजदूरों को राज्य के अंतर्गत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दी जाए. सरकार ने इस फ़ैसले को चुनौती देने का निर्णय लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अरुणा राय ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजे पत्र में कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय से ये कहना कि वो उच्च न्यायालय के फ़ैसले के विरुद्ध में अपील दायर करे, इससे उन्हें सदमा पहुँचा है और निराशा हुई है.
उन्होंने कहा कि इस कदम से सरकार के संयुक्त विकास के दावे को धक्का पहुँचेगा.
अरुण राय ने कहा, कि सरकार का फ़ैसला गरीबों के अधिकार के प्रति केंद्र सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है.








