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नई अमरीकी नीति का स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीकी नीति में बदलाव की बराक ओबामा की घोषणा का दोनों देशों के नेताओं ने स्वागत किया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि इस नई नीति से उनके देश में लोकतंत्र मज़बूत होगा. वहीं अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि इस नीति से उनके देश में चरमपंथियों के बढ़ते ख़तरे से सफलतापूर्वक निपटा जा सकेगा. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमरीकी रणनीति में व्यापक बदलाव की घोषणा करते हुए कहा है कि अल-क़ायदा और उससे जुड़े संगठन अब भी अमरीका और विश्व के लिए एक बड़ा ख़तरा बने हुए हैं. ओबामा ने अफ़ग़ानिस्तान में 4000 अतिरिक्त अमरीकी सैनिक तैनात करने की घोषणा की है और पाकिस्तान को अगले पाँच वर्षों तक 7.5 अरब डॉलर की सीधी सहायता देने की घोषणा की है. स्वागत पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इस नीति से उनके देश में लोकतंत्र की मज़बूती की बात कही है और साथ ही कहा है कि इससे उनके देश के रिश्ते अमरीका के साथ और मज़बूत होंगे.
समाचार एजेंसी एफ़पी के अनुसार उन्होंने कहा है कि क़बायली इलाक़ों में विशेष पुनर्निर्माण क्षेत्र स्थापित करने के लिए अमरीकी सहायता से उन लोगों के बीच अच्छा माहौल बनेगा जो लंबे समय से 'आतंकवाद और चरमपंथ' से परेशान हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने इस नीति को एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा है कि इसे लागू करने में पाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभाएगा. दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि उनके देश की सेना को प्रशिक्षण देने के लिए चार हज़ार सैनिकों की तैनाती से दोनों देशों को फ़ायदा होगा. समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अल-क़ायदा का ख़तरा मूल रुप से पाकिस्तान से आता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'तालेबान को आईएसआई से सीधी मदद'26 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'अमरीका को नई पाक नीति की ज़रूरत'22 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'आतंकवादी संगठन है तालेबान'22 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'तालेबान के साथ बातचीत पर विचार'08 मार्च, 2009 | पहला पन्ना स्वात में तालेबान का संघर्षविराम24 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस स्वात के समझौते से अमरीका चिंतित20 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना अमरीका की नैटो सहयोगियों से अपील 19 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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