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अफ़ग़ानिस्तान में 33 चरमपंथी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अमरीकी नेतृत्व वाले सैन्य कमांडो का कहना है कि सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच हेलमंद और लोगर प्रांत में हुई दो मुठभेड़ों में 33 तालेबान चरमपंथी मारे गए हैं. गुरुवार को अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी राज्य हेलमंद में चरमपंथियों और सुरक्षा बलों के बीच हुए भीषण संघर्ष में 30 जबकि लोगर में तीन चरमपंथी मारे गए हैं. अमरीकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार जब सुरक्षा बल हेलमंद प्रांत के ग्रेशक ज़िले में गश्त पर थे तब उन पर चरमपंथियों ने गोलीबारी शुरु कर दी, जिसके जवाब में अमरीकी और अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने मिलकर कार्रवाई की. हवाई मदद चरमपंथियों को निशाना बनाने के लिए सैन्य बलों ने हवाई मदद भी ली. अमरीकी सेना का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान एक अफ़गान फ़ौजी ज़ख़्मी हुआ है. इससे पहले गुरुवार की सुबह ग्रेशक ज़िले में एक अहम तालेबान समर्थक नेता एक बम हमले में मारे गए थे. शुक्रवार को अफ़ग़ान और नैटो सुरक्षा बलों ने पूर्वी लोगर प्रांत में तीन चरमपंथियों को मार दिया है. अमरीकी सैन्य कमांडो के बयान के अनुसार जब सुरक्षा बलों ने चरमपंथियों के बम बनाने वाले अड्डे पर छापा मारा तो लड़ाई छिड़ गई और इस दौरान तीन चरमपंथी मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'जंग हार रही है गठबंधन सेना'09 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में 21 पुलिसकर्मी मरे02 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस मारे गए नागरिकों की संख्या में वृद्धि17 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस काबुल में तीन हमलों में 19 मारे गए11 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस चार अमरीकी सैनिक मारे गए15 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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