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उत्तरी श्रीलंका में लड़ाई तेज़ हुई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों और सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है. सेना का कहना है कि लड़ाई में वरिष्ठ विद्रोही नेता सबारत्नम सेल्वथुरई मारे गए हैं. उधर तमिल विद्रोहियों की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि लड़ाई में पचास से ज़्यादा सैनिक मारे गए हैं और उनके हथियार ज़ब्त कर लिए गए हैं. हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पत्रकारों को युद्ध क्षेत्र में जाने की इजाज़त नहीं है. संवाददाताओं का कहना है कि सेल्वथुरई विद्रोही नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन के काफ़ी क़रीबी थे और उनकी मौत से विद्रोहियों को मनोवैज्ञानिक क्षति पहुँचेगी. सेना की वेबसाइट का कहना है कि विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़े में सेल्वथुरई मारे गए. वहाँ से 150 तमिल विद्रोहियों के और शव मिलने का दावा किया गया है. विद्रोहियों ने उनकी मौत के बारे में कुछ भी नहीं कहा है. ख़बरें हैं कि वो एलटीटीई की वित्तीय इकाई के प्रमुख थे. सेना फिलहाल 25 वर्षों के गृह युद्ध के बाद विद्रोहियों के आख़िरी ठिकानों पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश कर रही है. लड़ाई वाले इलाक़े में एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि सरकार की ओर से सुरक्षित घोषित किए गए क्षेत्र में ही साठ से ज़्यादा निर्दोष नागरिक मारे गए हैं. हालाँकि सेना ने आम नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका के मुद्दे पर जयललिता का अनशन09 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका ने आईएमएफ़ से क़र्ज़ माँगा07 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस आम नागरिकों के मारे जाने की निंदा06 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस रेडक्रॉस ने 'मानवीय संकट' की चेतावनी दी04 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'शीत युद्ध के बाद का सबसे बड़ा ख़तरा'03 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका संघर्ष विराम पर विचार करे'28 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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