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नवीन चावला होंगे मुख्य चुनाव आयुक्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अगले चुनाव आयुक्त के रुप में नवीन चावला की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है. वे 21 अप्रैल से अपना कार्यभार संभालेंगे. वे 20 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी की जगह लेंगे. पिछले दिनों एन गोपालस्वामी ने नवीन चावला पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें चुनाव आयोग से हटाने की सिफ़ारिश की थी. लेकिन मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति ने इसे अस्वीकार कर दिया था. नवीन चावला को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त करने का मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने विरोध किया है और कहा है कि वह 'उपयुक्त समय पर सभी विकल्पों पर' विचार करेगी. नियुक्ति यह पहले से ही तय माना जा रहा था कि वरिष्ठता के आधार पर 1969 बैच के आईएएस अधिकारी नवीन चावला ही मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किए जाएँगे. लेकिन एन गोपालस्वामी ने जिस तरह से उन्हें आयोग से हटाने की सिफ़ारिश की थी उसके बाद यह सवाल उठने लगे थे कि क्या इसके बाद भी यूपीए सरकार उन्हें इस पद पर बिठाना चाहेगी.
आख़िर केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति ने इस नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है. नवीन चावला 21 अप्रैल को जब अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे तो देश में संसदीय चुनाव शुरु हो चुके होंगे और पहले चरण का मतदान हो चुका होगा. यह पहली बार ही होगा जबकि चुनाव के बीच में मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है. नियमानुसार चुनाव आयोग तीन सदस्यीय होता है. एसवाई क़ुरैशी पहले से ही चुनाव आयुक्त हैं. नवीन चावला के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद आयोग में एक नए सदस्य की नियुक्ति की जाएगी. नवीन चावला 29 जुलाई, 2010 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहेंगे. क्योंकि तब वे 65 वर्ष के हो जाएँगे और उन्हें इस पद से सेवानिवृत्त होना होगा. विरोध नवीन चावला की निष्पक्षता पर काफ़ी समय से सवाल उठा रही भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त करने का भी विरोध किया है. पार्टी महासचिव अरुण जेटली ने पत्रकारों से कहा, "जब मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि नवीन चावला का आचरण राजनीतिक पक्षधरता का दिखता है तो हम अपेक्षा करते हैं कि सरकार इस समय उनकी नियुक्ति नहीं करेगी." उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की शिकायत पर किसी स्वतंत्र एजेंसी ने अपनी राय नहीं दी है और यूपीए सरकार ने ही यह फ़ैसला कर लिया है कि उनकी शिकायत के आधार पर नवीन चावला को हटाने की ज़रुरत नहीं है. भाजपा महासचिव ने कहा कि चुनाव आयोग के निष्पक्ष होने की परंपरा का पालन करना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि भाजपा अब क्या क़दम उठाएगी, उन्होंने कहा, "उपयुक्त समय पर हर प्रकार के विकल्पों पर विचार किया जाएगा." | इससे जुड़ी ख़बरें लोक सभा चुनाव पाँच चरणों में होंगे02 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'नवीन चावला नहीं हटाए जाएंगे'01 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'चावला के मुद्दे पर अदालत जाए भाजपा'04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'राजनीतिक आका न बनें गोपालस्वामी'02 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस विवादों के बीच चुनाव आयोग की बैठक03 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस नवीन चावला पद छोड़ने को तैयार नहीं31 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस नवीन चावला को हटाने की सिफ़ारिश31 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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