|
'स्वीकार कर चुके, अब झगड़ा न करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई हमलों के सिलसिले में गिरफ़्तार अभियुक्त अजमल कसाब के समुद्री रास्ते से भारत आने पर पाकिस्तान नौसेना प्रमुख के बयान पर भारत ने कहा है कि 'जो बात पाकिस्तान पहले ही स्वीकार कर चुका है, उस पर झगड़ा न करे.' पाकिस्तान की नौसेना के प्रमुख नोमन बशीर ने शुक्रवार को कहा है कि ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिसके आधार पर कहा जाए कि कसाब पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते भारत आया था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने पत्रकारों से कहा, "हम अपनी चार्जशीट पर कायम हैं. हम पहले भी पाकिस्तान की ओर से काफी कुछ सुन चुके हैं." उनका कहना था, "पाकिस्तान की बातों में विरोधाभास है, जिस बात को पाकिस्तान पहले ही स्वीकार कर चुका है अब उस पर झगड़ा न करे. पाकिस्तान को चाहिए कि एक आवाज़ में बात करे." आनंद शर्मा का कहना था कि इन हमलों का षड्यंत्र कैसे रचा गया उस पर भारत अपने रुख़ पर कायम है. 'कोई और खंडन कर देगा' उधर भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, "भारत ने मुंबई हमलों के बारे में जानकारी के दस्तावेज़ कई देशों के साथ साझा किए हैं. हमारे दस्तावेज़ों में ठोस तथ्य हैं. कई हफ़्ते पहले एक बात और फिर दूसरी बात करने के बाद पाकिस्तान को मानना पड़ा था कि षड्यंत्र वहाँ रचा गया था." उनका कहना था, "पाकिस्तान ने अपनी जाँच में शुरुआत की है और हम उम्मीद करते हैं कि वह उसे अंजाम तक ले जाएगा. जो सवाल पाकिस्तान ने पूछे हैं हम उनके जवाब तैयार कर रहे हैं." जब उनका ध्यान बार-बार पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख के बयान की ओर दिलाया गया तो उनका कहना था, "मैं पक्के तौर पर कह सकता हूँ कि जो नौसेना के प्रमुख ने आज कहा है उसका कोई और खंडन कर देगा." |
इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान में लक्षित हमले संभव नहीं'10 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाक ने भारतीय सबूतों का जवाब दिया09 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाक रवैए से जाँच में मदद नहीं'08 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाक के क़दम पर्याप्त नहीं: अमरीका08 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने माना, कसाब हमारा नागरिक07 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||