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पाक ने भारतीय सबूतों का जवाब दिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान का कहना है कि उसने मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत की ओर से दी गई फ़ाइल का जवाब अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए को दे दिया है. भारत ने मुंबई के हमलों में पाकिस्तानी नागरिकों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए सबूत के तौर पर 52 पन्नों की एक फ़ाइल पाकिस्तान को सौंपी थी, इस फ़ाइल की प्रतियाँ अमरीका सहित उन देशों को भी सौंपी गई थी जिनके नागरिक इन हमलों में मारे गए थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने इस्लामाबाद में बताया कि ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने अपना जवाब अमरीकी एजेंसी को दिया है. पाकिस्तान की ओर से आरोपों के जवाब में क्या कहा गया है इसकी तफ़्सील नहीं मिल सकी है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि "भारत ने जो सामग्री दी है, वह जानकारी है, सबूत नहीं". पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि हमले में शामिल एकमात्र जीवित चरमपंथी अजमल अमीर कसाब उसी का नागरिक है. यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान और अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसियों के बीच सहयोग का लंबा सिलसिला रहा है इसलिए उन्हीं के ज़रिए जवाब देने का फ़ैसला किया गया. शुक्रवार को एक सेमिनार में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी पूर्वी सीमा पर हालत काफ़ी नाज़ुक है लेकिन पाकिस्तान का मानना है कि लड़ाई समस्या का हल नहीं है." उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत के हवाले करने का सवाल ही नहीं है. भारत ने पाकिस्तान से कई बार माँग की है कि वह मुंबई के हमलों में कथित तौर पर शामिल चरमपंथियों को भारत के हवाले करे, भारत ने मौलाना मसूद अज़हर, ज़की उर रहमान लाखवी और ज़र्रार अहमद जैसे लोगों के नाम पाकिस्तान को सौंपे थे. |
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