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जाँच में सहयोग का आश्वासन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हाईकोर्ट की नाराज़गी के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने सत्यम घोटाले के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो को पूरी तरह से सहयोग देने का आश्वासन दिया है. अदालत की फटकार के बाद राज्य सरकार ने आनन-फानन एक रिपोर्ट पेश करते हुए जानकारी दी है कि वह सीबीआई की टीम को किस तरह की ममद उपलब्ध करवाने जा रही है. इससे पहले सीबीआई ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके शिकायत की थी कि राज्य सरकार सत्यम घोटाले के मामले में सहयोग नहीं कर रही है. उल्लेखनीय है कि सत्यम कंप्यूटर सर्विसेस के प्रमुख रामालिंगा राजू ने जनवरी में स्वीकार किया था कि उन्होंने खातों में सात हज़ार करोड़ से अधिक की हेराफेरी की है. इसके बाद कई स्तरों पर जाँच शुरु हुई थी और आख़िर राज्य सरकार ने इसे सीबीआई को सौंपने का फ़ैसला किया था. संवाददाताओं का कहना है कि सीबीआई की शिकायत और हाईकोर्ट की नाराज़गी ने राज्य की कांग्रेस सरकार को दुविधा में डाल दिया है. शिकायत सत्यम घोटाले की जाँच कर रही सीबीआई ने अप्रत्याशित क़दम उठाते हुए हाईकोर्ट से शिकायत की थी कि राज्य सरकार इस जाँच में उसे सहयोग नहीं दे रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एनवी रामन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार से ढाई घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए. सरकार ने अपनी रिपोर्ट में विवरण दिए हैं कि वह सीबीआई को किस तरह से सहयोग प्रदान करेगी. इसमें गेस्ट हाउस उपलब्ध करवाने से लेकर सभी तरह के सहयोग देने का आश्वासन दिया गया है.
पिछले ही हफ़्ते जाँच का काम संभालने के बाद सीबीआई ने कई स्तरों पर जाँच के लिए टीमें गठित की थीं. चूंकि हैदराबाद में सीबीआई के पास एक छोटा दफ़्तर है, उसे अधिकारियों के ठहरने से लेकर सत्यम के कार्यालय से मिले दस्तावेजों के भारी-भरकम संदूकों को रखने के लिए जगह की समस्या आ रही थी. सीबीआई का कहना था कि सीआईडी ने दस्तावेज़ आदि तो उसे सौंप दिए लेकिन इसके बाद राज्य के अधिकारी उसे आवश्यक सहयोग नहीं दे रहे हैं. राज्य सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है कि सीआईडी जाँच के बहाने सरकार सत्यम घोटाले के दोषी लोगों को बचाने की कोशिश कर रही थी और इसीलिए उसने मामले को सीबीआई को सौंपने में देरी की. विपक्ष ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी और सत्यम के पूर्व प्रबंधकों के संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए हैं. संसद में हंगामा उधर बुधवार को सत्यम घोटाले पर हो रही चर्चा के बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा में जमकर हंगामा किया और सदन से वॉकआउट भी किया. विपक्षी गठबंधन एनडीए और वामदलों का आरोप था कि जाँच एजेंसियाँ सत्यम घोटाले का सच उजागर करने के लिए पर्याप्त तेज़ी से काम नहीं कर रही हैं. हालांकि सरकार की ओर से कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा कि जाँच एजेंसियाँ युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बना हुआ है लेकिन उनके उत्तर से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. इस बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. |
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