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भाजपा कार्यकारिणी की बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक नागपुर में शुरू हुई है जिसमें आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों और भावी रणनीति तय करने पर विचार किया जाएगा. लोक सभा चुनावों के पहले हो रही इस आख़िरी कार्यकारिणी बैठक का काफ़ी राजनीतिक महत्व समझा जा रहा है. पार्टी ने कार्यकारिणी बैछक में 'दिल्ली सत्ता पर क़ब्ज़े' का नारा दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नक़वी के अनुसार कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक लोकसभा चुनाव की तैयारी को समर्पित होगी. अगला प्रधानमंत्री माना जा रहा है कि कार्यकारिणी बैठक की में होने वाली चर्चा में उन मुद्दों पर ज़ोर दिया जाएगा जिससे आम मतदाताओं को लुभाया जा सके और लाल कृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद के दावेदार नेता के रूप में उभारा जा सके. दूसरी तरफ़ लोकसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए को मज़बूत करने पर भी चर्चा होगी. कार्यकारिणी में राजनीतिक, आर्थिक प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे. जानकारों की राय में पार्टी के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती दूसरी पंक्ति के नेताओं के बीच जारी खींचतान है. वहीं उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का हाल ही में पार्टो छोड़ना भी एक बड़ा धक्का है. पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत की लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा ने भी पार्टी को मुश्किल में डाल रखा है. कार्यकारिणी में चार प्रस्ताव पारित किए जाएंगे. कृषि संकट, श्रीलंका में तमिलों का मामले सहित आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव भी होंगे. 'आतंकवाद' पार्टी का सबसे पंसदीदा विषय रहा है, इसीलिए नागपुर में पोस्टरों और होर्डिंग पर भाजपा का नारा है - 'आतंकवाद का विनाश, देश का विकास और भापजा पर विश्वास'. विश्लेषकों की राय में भारतीय जनता पार्टी हाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में दिल्ली और राजस्थान में मिली हार से काफ़ी नरम पड़ गई हैं. दिलचस्प बात यह है कि बैठक की जगह को काफ़ी अहम माना जा रहा है क्योंकि नागुपर में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का मुख्यालय है, जिसे भाजपा का 'प्रेरणा का स्त्रोत' माना जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें भाजपा ने उठाया 'धर्मनिरपेक्षता' का मुद्दा01 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'यूपीए सरकार जनसमर्थन खो चुकी है'27 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस भाजपा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए30 मई, 2006 | भारत और पड़ोस भाजपा ने महासचिवों की बैठक बुलाई12 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस देहरादून में आगे की राह तलाशती भाजपा07 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'यूपीए सरकार आर्थिक मोर्चे पर विफल'17 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भाजपा लोकसभा चुनावों से सबक लेगी05 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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