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रविवार, 01 जून, 2008 को 12:19 GMT तक के समाचार
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भाजपा ने उठाया 'धर्मनिरपेक्षता' का मुद्दा

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लालकृष्ण आडवाणी(फ़ाइल फ़ोटो)
भाजपा का 'इंडिया शाइनिंग' का नारा पिछले लोकसभा चुनावों में नहीं चल पाया था
कर्नाटक में मिली जीत से उत्साहित भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कार्यकर्ताओं से दिल्ली पर कब्ज़े और लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री के रूप में देखने के लिए कमर कसने को कहा है.

लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी इस बार 'धर्मनिरपेक्षता' बनाम 'पंथनिरपेक्षता' को मुद्दा बनाएगी.

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की दो दिन की बैठक रविवार सुबह पार्लियामेंट एनेक्सी में शुरू हुई.

दिल्ली पर नज़र

इसमें पार्टी के सभी पदाधिकारी और भाजपा शासित राज्यों में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे.

पहले यह बैठक राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाली थी. लेकिन वहाँ हुए बम विस्फोटों के बाद बैठक का स्थान बदलकर दिल्ली कर दिया गया.

अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने यूपीए सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए उसपर तगड़ा प्रहार किया.

उन्होंने महँगाई, खाद्य संकट, किसानों की आत्महत्या, देश में बढ़ती चरमपंथी घटनाओं और बांग्लादेशी घुपैठियों के लिए सरकार की ढुलमुल नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया.

'धर्मनिरपेक्ष' बनाम 'पंथनिरपेक्ष'

लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर 'धर्मनिरपेक्षता' का मुद्दा उठा लिया है. इस बार यह मुद्दा 'धर्मनिरपेक्ष' बनाम 'पंथनिरपेक्ष' का है.

भाजपा का कहना है कि भारत धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है.क्योंकि 'सेक्युलर' शब्द का सही अनुवाद 'पंथनिरपेक्ष' होता है, 'धर्मनिरपेक्ष' नहीं.

 सेक्युलर’ शब्द का सही अनुवाद पंथनिरपेक्ष होता है, धर्मनिरपेक्ष नहीं.इसलिए अब धर्मनिरपेक्ष शब्द के प्रयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए
रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रवक्ता

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद का कहना है इसे देखते हुए अब धर्मनिरपेक्ष शब्द के प्रयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए.

पहले उम्मीद लगाई जा रही थी कि बैठक में राजस्थान का गुर्जर आंदोलन का मुद्दा छाया रहेगा और शायद गुजर नेता बैठक में बाधा पहुँचाएँ.

इसे देखते हुए बैठक स्थल पार्लियामेंट एनेक्सी से भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय तक तगड़ा पुलिस बंदोबस्त किया गया है.

दरअसल इस बैठक का मक़सद कर्नाटक में मिली जीत पर अपनी पीठ थपथपाने की है. पार्टी पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में मिली जीत के बाद अब मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में भी अपना परचम फहराना चाहती है, दिल्ली की कुर्सी पर उसकी नज़र तो पहले से ही है.

भले ही पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा का ‘इंडिया शाइनिंग’ का नारा नहीं चल पाया हो, लेकिन पार्टी को उम्मीद है कि इस बार भाजपा शाइनिंग का नारा चल निकलेगा.

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