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भाजपा लोकसभा चुनावों से सबक लेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि पार्टी लोकसभा चुनावों की हार से 'उचित सबक' लेगी. भाजपा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि लोक सभा चुनावों में पार्टी को अप्रत्याशित रूप से झटका लगा था और पार्टी उससे सबक सीखेगी. रजत जयंती के अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में आडवाणी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की अदूरदर्शिता के कारण देश की एकता और अखंडता को ख़तरा उत्पन्न हो गया है. उनका कहना था कि यदि ऐसी ही नीतियाँ लंबे समय तक जारी रहीं तो देश का क्या होगा, इसको लेकर पार्टी चिंतित है. इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पार्टी के प्रमुख नेता उपस्थित थे. 'यूपीए में दरार' कार्यकारिणी में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में तीन घटनाक्रमों को महत्वपूर्ण माना गया है. इसमें कहा गया है कि बिहार, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, दूसरा कांग्रेस नेतृत्व ने झारखंड और गोवा में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया और तीसरा राज्यपाल के पद का दुरुपयोग किया गया. भाजपा प्रवक्ता अरुण जेटली ने कहा कि पार्टी का आकलन है कि यूपीए में दरार पड़ने के प्रारंभिक लक्षण नज़र आने लगे हैं. उनका कहना था कि बिहार, झारखंड में यूपीए के घटक विरोधियों की तरह चुनाव लड़े. इसके अलावा आंध्र प्रदेश में तेलंगाना राष्ट्र समिति और कांग्रेस के बीच तनाव है.और द्रमुक ने तो तमिलनाडु से मंत्रिमंडल में शामिल एक केंद्रीय मंत्री को हटाने मांग की थी. साथ ही वामपंथी दल हर रोज़ सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि उनका समर्थन मजबूरी न समझा जाए. |
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