| 'यूपीए सरकार आर्थिक मोर्चे पर विफल' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को पारित अपने आर्थिक प्रस्ताव में कहा है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार (यूपीए) 15 महीने में अपना कोई भी वादा पूरा नहीं कर पाई है और आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से विफल रही है. चेन्नई में चल रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन ये प्रस्ताव पारित किया गया. भाजपा के आर्थिक प्रस्ताव के संयोजक भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा थे. उनका कहना था कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम में जो वादे किए गए थे, उनमें से सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया है. आर्थिक प्रस्ताव में कहा गया है कि वाजपेयी सरकार के अंतिम वर्ष में विकास दर 8.4 प्रतिशत थी. लेकिन मनमोहन सरकार के कार्यकाल में विकास दर घटकर 6.9 प्रतिशत हो गई. साथ ही देश के आयात में वृद्धि हो रही है और निर्यात में कमी आ रही है. इस कारण इस वर्ष के पहले पाँच महीनों में व्यापार घाटा 78 हज़ार 300 करोड़ रुपए तक जा पहुँचा है. भाजपा ने आरोप लगाया है कि विकास की जो वाजपेयी सरकार के दौरान योजनाएँ शुरू की गईं थीं, उन्हें सरकार ने या तो धीमा कर दिया है या फिर बंद कर दिया है. इसमें नदियों को जोड़ना, चतुर्भुज सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग योजना और हवाई अड्डों और बंदरगाहों के आधुनिकीकरण की योजनाएँ शामिल हैं. वामपंथी दलों को भी आड़े हाथों लेते हुए भाजपा ने कहा कि यूपीए सरकार उनके समर्थन पर टिकी है इसलिए उनकी धमकियों के आगे देशहित को नजरअंदाज़ करने पर तुली है. पार्टी के अनुसार वामपंथी दल जिन बातों का केंद्र में विरोध कर रहे हैं, पश्चिम बंगाल में वे उन्हीं बातों का समर्थन करते हैं. मूल्य वृद्धि की आलोचना भाजपा ने पेट्रोल मूल्यवृद्धि की आलोचना की है. पार्टी ने सुझाया है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि को देखते हुए सरकार बायो डीज़ल के इस्तेमाल पर ध्यान दे. पार्टी ने आर्थिक प्रस्ताव में यूपीए सरकार से माँग की है कि वह अनिवार्य रूप से एथनोल के मिश्रण की योजना को प्रारंभ करे. भाजपा नेता मल्होत्रा का कहना था कि पिछले 15 महीनों में अनेक वस्तुओं के दामों में 20 से 90 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है. शेयर बाज़ार पर चिंता विजय कुमार मल्होत्रा का कहना था कि भाजपा कार्याकारिणी के अनेक सदस्यों ने शेयर बाज़ार के स्तर को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना था कि विदेशी संस्थागत निवेशकों के कारण यह बढ़ रहा है और इसमें घरेलू निवेशकों की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने माँग की सरकार को शेयर बाज़ार पर नज़र रखनी चाहिए. भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी रिटेल क्षेत्र में विदेशी निवेश के ख़िलाफ़ है. प्रेक्षकों का कहना है कि विपक्ष में आने के बाद पार्टी उन्हीं आर्थिक नीतियों का विरोध करने लगी हैं जिनकी शुरुआत उसने की थी. मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा शासित राज्य एकसाथ वैट लागू करेंगे और इस पर अभी विचार चल रहा है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||