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'सेना में सांप्रदायिक तत्व नहीं हैं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारीतय सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने फ़ौज में किसी तरह के सांप्रदायिक तत्वों के नेटवर्क की मौजूदगी से इनकार किया है. उन्होंने मालेगाँव धमाके में एक सेवारत लेफ़्टिनेंट कर्नल की कथित संलिप्तता को अपवाद बताया. जनरल दीपक कपूर ने स्पष्ट किया कि सेना लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित के ख़िलाफ़ विभागीय कार्रवाई शुरू करेगी. ग़ौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने वर्ष 2008 में मालेगाँव में हुए धमाके के सिलसिले में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को गिरफ़्तार किया था. जनरल कपूर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सेना अपने आंतरिक ढांचे और प्रक्रियाओं को और मज़बूत करने के लिए समीक्षा कर रही है, ताकि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न घटें. अपवाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वो अभी भी समझते हैं कि पुरोहित का मामला एक अपवाद है तो उनका जवाब था," हाँ, वो एक अपवाद है और मैं आज भी यही समझता हूँ कि वो पूरी तरह से अपवाद है." ये पूछे जाने पर की क्या उन्होंने सेना के अंदर पुरोहित जैसे लोगों का कोई नेटवर्क पाया तो उनका कहना था, "नहीं, नहीं. मैं बग़ैर किसी शक के साथ कह सकता हूँ, हमने जाँच की हैं, सिलसिलेवार जाँच की हैं." जनरल कपूर का कहना था कि फ़ौज की संस्थागत संस्कृति और धर्मनिरपेक्ष मूल्य काफ़ी मज़बूत हैं. उनका कहना था कि फ़ौज का आंतरिक ढाँचा व्यापक है और समय-समय पर इसकी जाँच की जाती है ताकि किसी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके. | इससे जुड़ी ख़बरें 'राजनेता सेना की अनदेखी कर रहे हैं'25 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में सैन्य बल में कटौती11 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस 'सीमा पार से घुसपैठ में तेज़ी आई'19 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस सेना का नया शत्रु है 'तनाव'14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम राइफ़ल्स एचआईवी की चपेट में19 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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