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'सीमा पार से घुसपैठ में तेज़ी आई' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सेनाध्यक्ष जनरल एनसी विज ने कहा है कि सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में भारी तेज़ी आई है. उन्होंने कहा कि घुसपैठ पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना तक बढ़ गई है लेकिन भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ की ज़्यादातर कोशिशों को नाकाम कर दिया है जनरल विज ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ को रोकने के लिए बाड़ लगाए जाने और आधुनिक उपकरणों का उपयोग शुरू होने के बाद से चरमपंथियों को रोकने में ख़ासी कामयाबी हासिल हुई है लेकिन "इसमें कोई संदेह नहीं है कि घुसपैठ की कोशिशें दिन पर दिन तेज़ होती जा रही हैं." लेकिन पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री फ़ैसल साले हयात ने इन आरोपों का खंडन किया है. उनका कहना है कि चरमपंथी गतिविधियों में शामिल गुटों के ख़िलाफ़ पाकिस्तान ने कई कड़े कदम उठाए हैं और उनके दफ़्तर बंद किए हैं. लेकिन पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री फ़ैसल साले हयात ने इन आरोपों का खंडन किया है. उनका कहना है कि चरमपंथी गतिविधियों में शामिल गुटों के ख़िलाफ़ पाकिस्तान ने कई कड़े कदम उठाए हैं और उनके दफ़्तर बंद किए हैं. उन्होंने कहा कि रात में देखने में मदद करने वाली ख़ास दूरबीनों और नाइट सेंसरों के कारण भारतीय सेना की सतर्कता और कार्यकुशलता काफ़ी बढ़ी है. डोगरा रेजीमेंट में कंचनजंघा अभियान को रवाना करने के मौक़े पर उन्होंने पत्रकारों को जानकारी दी, "घुसपैठ की 85 प्रतिशत तक कोशिशों का समय रहते पता चल जाता है और सैनिक उससे सही तरीक़े से निबट लेते हैं."
जनरल विज ने कहा कि सीमा पार चरमपंथियों के प्रशिक्षण शिविर अब भी चल रहे हैं, कई चरमपंथी शिविर दोबारा शुरू हो गए हैं और वे काफ़ी सक्रिय हैं. भारतीय सेनाध्यक्ष ने कहा कि इन शिविरों की जगह लगातार बदलती रहती है ताकि उनका पता न चल सके लेकिन स्थानीय प्रशासन की मदद के बिना शिविर चलाना असंभव-सा लगता है. उन्होंने कहा, "शिविर चलाने के लिए साधनों की ज़रूरत होती है, उपकरणों का इस्तेमाल होता है, यह सब कुछ बिना किसी मदद के संभव नहीं है." उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, "ऐसा कैसे हो सकता है कि बिना किसी मदद के चरमपंथी घुसपैठ कर सकें, चरमपंथी सीमा पार से भारी आधुनिक हथियार और गोला बारूद उधर के अधिकारियों की जानकारी बिना कैसे ले जा सकते हैं." जनरल विज ने कहा, "यह सब उनकी (पाकिस्तान की) मदद से हो रहा है या बिना मदद के, यह मैं नहीं जानता लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इनकी संख्या लगभग दोगुना अधिक है. " भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले नौ महीनों से सीमा और नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम जारी है और दोनों तरफ़ से गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई है. भारत ने इस अवधि में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर लगभग 500 किलोमीटर लंबी कंटीली तार की बाड़ लगाई है, बाक़ी इलाक़ों में तार लगाना पहाड़ों की वजह से संभव नहीं है. |
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