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बुधवार, 28 जनवरी, 2009 को 20:30 GMT तक के समाचार
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कोई मानवीय संकट नहीं : श्रीलंका
श्रीलंका की सेना
श्रीलंका की सेना ने पिछले एक महीने से एलटीटीई के ख़िलाफ़ ज़बर्दस्त अभियान छेड़ रखा है

श्रीलंका सरकार ने रेड क्रास और संयुक्त राष्ट्र की इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि देश के उत्तरी हिस्सों में मानवीय संकट पैदा हो रहा है जहां श्रीलंकाई सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष हो रहा है.

देश के रक्षा मंत्री गोटाभया राजपक्षा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि उनकी नीति है कि 'किसी भी आम नागरिक की जान न जाए.'

रेड क्रास ने कहा था कि देश के उत्तरी हिस्सों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं और हज़ारों की संख्या में लोग फंसे हुए हैं.

गोटाभया राजपक्षा का कहना था कि देश के उत्तरी हिस्से की स्थिति के बारे में अंतरराष्ट्रीय रेड क्रास समिति और संयुक्त राष्ट्र की जानकारियां ग़लत है.

उनका कहना था, '' मैं ये नहीं कह रहा कि वो झूठ बोल रहे हैं लेकिन वो बात को बढ़ा चढ़ाकर कह रहे हैं.''

संघर्ष वाले इलाक़ों में आम लोगों की हालत पर भारत ने भी श्रीलंका सरकार से अपनी चिंता व्यक्त की थी और विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने श्रीलंका ने राष्ट्रपति के साथ चर्चा की है.

श्रीलंका के रक्षा मंत्री जहां देश के उत्तरी इलाक़ों में स्थिति बहुत ख़राब न होने का दावा कर रहे हैं वहीं इन इलाक़ों में संयुक्त राष्ट्र का काफ़िला फंसा हुआ है जो घायल लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.

गोटाभया राजपक्षा ने संघर्ष पर कड़े तेवर अपनाए रखा और मानवीय हालात को मद्देनज़र रखते हुए किसी भी तरह के युद्धविराम की संभावना को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि इससे एलटीटीई विद्रोहियों को संभलने का मौका मिल जाएगा.

उनका कहना था, '' हमारे आक्रमण का उद्देश्य विद्रोहियों को समाप्त करना है. '' सेना का कहना है कि वो विद्रोहियों के साथ लड़ाई के आख़िरी चरण में है.

सेना ने विद्रोहियों के कब्ज़े वाले मुलईतिवु पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद अब उत्तर पूर्वी समुद्री तट को अपने कब्ज़े में लेने की कोशिश कर रहा है.

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