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कोलकाता में दिन दहाड़े 'अनूठी डकैती' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महानगर में चोरी-डकैती आम बात हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक ऐसी अनूठी डकैती हुई है जिसे सुन कर लोग भौंचक्के रह गए हैं. यह डकैती पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है. अमूमन डकैत घर में रखे गहने, रुपए और कीमती वस्तुएं ले जाते हैं. लेकिन इस डकैती में तो तीन युवकों ने घर के मालिक से न सिर्फ चेक पर हस्ताक्षर कराए, बल्कि बैंक जाकर इन चेकों के जरिए उसके खाते से 11 लाख रुपए भी निकाल लिए. यही नहीं, उसके क्रेडिट कार्ड से भी 60 हजार रुपए निकाले गए. डकैतों ने कार्ड का पिन नंबर भी उससे धमका कर पूछ लिया था. शहर के व्यस्त इलाकों में से एक शेक्सपियर सरणी में दिनदहाड़े हुई इस अनूठी डकैती से स्पष्ट हो गया है कि अब बैंक में रखे रुपए भी सुरक्षित नहीं हैं. हालांकि पुलिस ने इसमें किसी परिचित का हाथ होने का दावा किया है. लेकिन वह अब तक न तो किसी युवक को पकड़ सकी है और न ही पैसे बरामद हुए हैं. कोलकाता स्थित 54 वर्षीय पारसी व्यापारी होरमुज बरजोर भागवगार एक बहुमंज़िली इमारत के पहली मंज़िल पर अकेले रहते हैं. तीन युवकों ने इमारत के मुख्य गेट पर तैनात चौकीदार मोहम्मद अज़हर से कहा कि वे होरमुज को दवाओं की डिलीवरी देने आए हैं. चौकीदार ने इंटकाम पर होरमुज से बात की जिसके बाद होरमुज ने उनको ऊपर भेजने को कह दिया. उन युवकों ने भीतर घुसते ही दरवाजे की कुंडी लगा दी. एक युवक ने होरमुज की कनपटी पर पिस्तौल टिका दी और घर में स्थित नकदी और कीमती सामान मांगने लगे. लेकिन घर में 20 हजार रुपए ही मिले. उन युवकों की धमकियों के बाद होरमुज ने बता दिया कि उसके बैंक खाते में साढ़े ग्यारह लाख रुपए हैं. इस पर उन लोगों ने होरमुज से अपनी चेकबुक निकालने को कहा. उन लोगों ने चार-चार और तीन लाख के तीन अलग-अलग बीयरर चेक लिखवा कर उस पर हस्ताक्षर करा लिया. कोलकाता पुलिस की खुफिया विभाग के उपायुक्त जावेद शमीम के मुताबिक, "उनमें से एक युवक चेक और क्रेडिट कार्ड लेकर बैंक चला गया. बाकी दो लोग वहीं पहरे पर रहे. मोटी रक़म का चेक होने की वजह से बैंक के अधिकारियों ने होरमुज को फोन कर पुष्टि की. लेकिन उन युवकों के हाथों में पिस्तौल को देखते हुए होरमुज ने इसकी पुष्टि कर दी और बैंक को भुगतान का निर्देश दिया. बैंक गए युवक ने क्रेडिट कार्ड के जरिए भी 60 हजार रुपए निकाल लिए." तलाश जारी
बैंक से रक़म मिल जाने के बाद उस युवक ने अपने दोनों साथियों को फोन से इसकी सूचना दे दी. इसके बाद दोनों युवकों ने होरमुज के हाथ-पैर बांध कर मुंह पर टेप चिपका दिया. उसके बाद उन लोगों ने उसे बेडरूम में बंद कर दिया और इंटरकॉम और फोन के तार काट दिए. फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुला रख कर वे दोनों घर में रखी 20 हज़ार की नकदी और होरमुज का मोबाइल लेकर चले गए. कुछ देर बाद एक पड़ोसी ने दरवाजा खुला देख कर होरमुज को आवाज़ दी. उसके बाद उन्हें मुक्त कराया गया. होरमुज ने तुरंत बैंक को इसकी सूचना दी. लेकिन तब तक बैंक ने चेकों का भुगतान कर दिया था. बाद में पुलिस को इसकी सूचना दी गई. होरमुज ने बाद में पुलिस को बताया कि मधुमेह का मरीज होने की वजह से उन्होंने कुछ दवाओं का आर्डर दिया था. इसलिए उनको लगा कि वही दवाएं आ गई हैं और घंटी बजते ही उन्होंने दरवाजा खोल दिया. पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी परिचित के हाथ होने की संभावना है. इसकी वजह यह है कि तीनों युवकों को पता था कि होरमुज को मधुमेह की बीमारी है. तीनों युवकों पढ़े-लिखे थे और उन्होंने अच्छे कपड़े पहन रखे थे. अब पुलिस उनकी तलाश कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें विरासत के लापरवाह पहरेदार05 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस कालीघाट मंदिर में पंडों पर रोक16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस चोरी के आरोप में 'अग्निपरीक्षा'16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस महिलाओं ने रचा इतिहास...15 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस यूरेनियम चोरी मामले में आत्मसमर्पण12 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस अपराधियों को पकड़ेगी साइकिल सवार पुलिस14 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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