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चिदंबरम से मिले अमरीकी राजदूत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई पर हमले के मामले में सूचनाओं के आदान-प्रदान और सहयोग के अमरीका के प्रस्ताव के सिलसिले में भारत में अमरीका के राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने सोमवार को गृह मंत्री पी चिदंबरम से मुलाक़ात की. बताया गया है कि नई दिल्ली के नार्थ ब्लॉक में हुई यह बैठक क़रीब डेढ़ घंटे तक चली. अमरीका की केंद्रीय जाँच एजेंसी फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टीगेशन (एफ़बीआई) के अधिकारी पहले ही चरमपंथियों में अकेले बचे मोहम्मद अजमल अमीर कसाब से पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछताछ कर चुके हैं. सात साल पहले 9/11 के हमले झेल चुका अमरीका भारत को बड़े हमलों से निबटने में मदद देने के लिए एक पूरी कार्ययोजना बना रहा है. सूचनाएं और सहयोग अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि इसके तहत सूचनाओं का आदान-प्रदान और सहयोग शामिल है. पिछले सप्ताह वाशिंगटन में अमरीका के पैसिफ़िक कमांड की कमांडर एडमिरल टिमोथी कीटिंग ने पत्रकारों से कहा था, "हम इस पैकेज के शुरूआती हिस्से पर काम कर रहे हैं..हम भारत को कुछ कुछ बातें सिखाना चाहते हैं. हमने 11 सितंबर के हमलों से जो कुछ सीखा है, सूचनाओं के आदान-प्रदान और सहयोग के जरिए हम भारत को सिखाना चाहते हैं." मुंबई हमलों के बाद भारत के उपायों की तारीफ़ करते हुए कीटिंग ने कहा कि अमरीकी सरकार की अनेक एजेंसियाँ क्षेत्र में होने वाले हर प्रगति पर बारीकी से नज़र रखते हुए काम कर रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका ने पाक कार्रवाई की सराहना की09 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारत के साथ सहयोग करे पाकिस्तान'08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'मुंबई हमले की चेतावनी दी गई थी'02 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'बड़े परमाणु या जैविक हमले की संभावना'03 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना 'भारत के साथ खड़ा है अमरीका'29 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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