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कसाब की चिट्ठी पाकिस्तान के हवाले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने मुंबई हमले के दौरान पकड़े गए चरमपंथी अजमल कसाब की चिट्ठी पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को सौंप दी है. कार्यवाहक उच्चायुक्त अफ़रासियाब ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से उन्हें एक पत्र मिला है. हालाँकि उन्होंने इसके बारे में विस्तार से कुछ बताने से इनकार किया. उनका कहना था कि पाकिस्तान सरकार पत्र का जवाब देने से पहले इस पर विचार करेगी.
पाकिस्तानी उच्चायुक्त अफ़रासियाब को सोमवार शाम नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय में बुलाया गया जहाँ उन्हें चिट्ठी दी गई. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने पत्रकारों को बताया, "कसाब ने पाकिस्तान उच्चायोग को लिखे पत्र में कहा है कि वो पाकिस्तान के रहने वाले हैं और मुंबई हमलों में मारे गए चरमपंथी भी पाकिस्तान से थे." विष्णु प्रकाश ने पत्र का ब्यौरा देते हुए कहा, "कसाब ने पाकिस्तान उच्चायोग के प्रतिनिधि के साथ मुलाक़ात की इच्छा जताई है." पाकिस्तान सरकार आधिकारिक तौर पर ये मानने से इनकार करती रही है कि कसाब पाकिस्तानी नागरिक है. हालाँकि एक बीबीसी संवाददाता ने पाकिस्तान के गाँव फ़रीदकोट का दौरा करने के बाद इस बात की संभावना जाहिर की थी कि वो उसी गाँव का रहने वाला हो सकता है. उसके बाद एक पाकिस्तानी टेलीविज़न चैनल और ब्रितानी अख़बार के रिपोर्ट में कहा गया कि कसाब फ़रीदकोट का रहने वाला है. कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की गठबंधन सरकार में सहयोगी पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ ने भी कहा था कि 'उन्होंने निजी तौर पर पता लगाया है कि कसाब के गाँव की घेराबंदी कर दी गई है और किसी को भी वहाँ जाने नहीं दिया जा रहा है.' |
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