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भारत-रूस में हुआ परमाणु समझौता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने रूस के साथ असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत रूस भारत के लिए चार परमाणु संयंत्रों का निर्माण करेगा. तीन दिनों के भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच हुई चर्चा के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. मनमोहन सिंह ने इस परमाणु समझौते को भारत-रूस संबंधों में 'मील का पत्थर' कहा है. अमरीका से साथ हुए परमाणु समझौते के चलते परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों (एनएसजी) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ हुए समझौतों के बाद भारत के लिए इस तरह के समझौतों और परमाणु व्यावसाय का रास्ता खुल गया है. 'मील का पत्थर' परमाणु समझौते के अलावा भारत और रूस ने पर्यटन और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग सहित कई अन्य समझौते किए हैं. दोनों नेताओं ने शुक्रवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में इस समझौते की घोषणा की. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर रूस के साथ हमारे संबंधों में और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है." इस समझौते के तहत रूस तमिलमाडु के कूदनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में चार और संयंत्रों का निर्माण करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें समझौते की अंतिम औपचारिकता भी पूरी10 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना बुश ने किए समझौते पर हस्ताक्षर08 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना परमाणु समझौते को सीनेट की हरी झंडी02 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना भारत-फ्रांस के बीच परमाणु समझौता01 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना परमाणु ऊर्जा पर सहयोग करेंगे भारत-चीन25 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते का सफ़र27 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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