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पाकिस्तान बिना शर्त सहयोग देगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने मुंबई हमलों की जाँच में बिना शर्त सहयोग देने की पेशकश की है. उन्होंने चरमपंथी हमले की निंदा की. पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने एक भारतीय टेलीविज़न चैनल से कहा कि वो मुंबई में हुई हिंसा से व्यथित हैं. उन्होंने चरमपंथी हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार किया लेकिन जाँच में सहयोग का वादा किया है. ज़रदारी ने मुंबई में हुए हमलों के बारे में देश के नेताओं से टेलीफ़ोन पर बात की और ताज़ा हालात से अवगत कराया. मुंबई धमाकों से उपजे हालात पर चर्चा के लिए पाकिस्तान में कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई गई. इसके बाद विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि अगर मुंबई हमलों में वहाँ का कोई संगठन शामिल पाया गया, तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया, "अगर इस घृणित कार्य में कोई भी व्यक्ति या ग्रुप के शामिल होने की बात आती है, तो सरकार उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी." भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी पहले ही यह कह चुके हैं कि मुंबई हमलों में पाकिस्तानी तत्त्वों का हाथ हैं. क़ुरैशी का कहना था, "हमें मूर्ख़ बन कर नहीं रहना चाहिए. ये एक गंभीर स्थिति है. जब भारत में लोग यह मान रहे हैं कि हमले भारत के लिए 9/11 जैसे हैं तब हम उससे अपने को अलग नहीं कर सकते." उन्होंने माना कि इस घटना से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया है लेकिन उम्मीद जताई कि इससे निपट लिया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें मुठभेड़ ख़त्म, मुंबई में शोक का माहौल29 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाक तत्वों का हाथ है: प्रणव मुखर्जी28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस दहशत, दर्द और आक्रोश की अभिव्यक्ति28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री ने निराश किया: नरेंद्र मोदी28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारतीय तंत्र पूरी तरह विफल रहा'28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ये मुंबई पर नहीं देश पर हमला है: देशमुख28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस लोगों में ग़ुस्सा, हताशा और बेबसी27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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