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मुंबई हमले के निशाने नक्शे पर देखिए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जुलाई 2006 के मुंबई ट्रेन धमाकों के बाद 26 नवंबर की रात महानगर एक बार फिर दहल उठा. हमलावरों ने पाँच सितारा होटलो, अस्पतालों और रेलवे स्टेशन को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं. उन्होंने कई स्थानों पर लोगों को बंधक भी बना लिया. हमलावरों की सही संख्या का पता नहीं चल सका है लेकिन सुरक्षाबलों ने कम से कम नौ हमलावरों को गिरफ़्तार कर लिया है. इस हमले के निशानों के बारे में जानने के लिए नक्शे पर क्लिक करें. ताज महल होटल 105 साल पुरानी इमारत है. मुंबई की पहचान बन चुकी इस इमारत में महानगर के अमीर और संभ्रांत लोग आते-जाते रहते हैं. विदेशी पर्यटकों में भी गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास स्थित ताज महल होटल काफ़ी लोकप्रिय है.
ताज महल होटल से समुद्र का नज़ारा दिखाई देता है. होटल पर जब हमला हुआ तो वहाँ डिनर का समय था और बहुत सारे लोग वहाँ जमा थे तभी अचानक अंधाधुंध गोलियाँ चलने लगीं. होटल में सैकड़ों लोग जहाँ जगह मिली वहीं छिप गए जबकि कमांडो दस्ते और चमरपंथियों के बीच गोलीबारी होती रही. इस हमले में कई विदेशी नागरिक मारे गए हैं और घायल हुए हैं, कई घायलों की हालत काफ़ी गंभीर बताई जा रही है. मृतकों में एक जापानी नागरिक शामिल है. पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कुल कितने लोग मारे गए हैं, ताज महल में अनेक लोगों को बंधक बना रखा गया था लेकिन ताज़ा ख़बरें मिली हैं कि सभी बंधक मुक्त हो गए हैं लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. पुलिस का कहना था कि ताज होटल में कमांडो ऑपरेशन पूरा हो गया है लेकिन उसके बाद कई धमाके हुए हैं जिससे लगता है कि कार्रवाई चल रही है. इस हमले में ताज होटल की ऐतिहासिक इमारत में आग लग गई थी जिससे उसके मुख्य गुंबद को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है. ओबेरॉय होटल व्यापारिक तबक़े के बीच काफ़ी लोकप्रिय है. मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के निकट स्थित इस होटल में ढेर सारे गोला बारूद के साथ चरमपंथी घुस आए.
होटल में खाना खा रहे पर्यटकों को घेरकर बंधक बना लिया गया, बताया जाता है कि उस समय 380 लोग होटल में थे. इस पाँच सितारा होटल से बीच-बीच में गोलीबारी होने की ख़बर आ रही है, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक एनएन रॉय का कहना है कि चरमपंथियों ने लोगों को बंधक बना रखा है. भारतीय सेना और रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवान चरमपंथियों की गिरफ़्त से पर्यटकों को निकालने की कोशिश में लगे हुए हैं और वहाँ गोलीबारी की आवाज़ें लगातार आ रही हैं. सबसे ज्यादा लोग छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर हताहत हुए हैं, बॉम्बे वीटी (विक्टोरिया टर्मिनल) के नाम से जाने जाने वाले इस स्टेशन पर दो बंदूकधारियों ने धुंआंधार फ़ायरिंग की.
यह देश के सबसे व्यस्त रेलवे टर्मिनलों में से एक है. यहाँ बहुत बड़ी संख्या में यात्री रेल का इंतज़ार कर रहे थे. यह स्टेशन 1878 में बनाया गया था, यह अपने स्थापत्य के लिए मशहूर है. अब से चार साल पहले यूनेस्को ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनल को अंतरराष्ट्रीय विरासत घोषित किया था. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है था कि हथियारबंद लोगों ने यात्रियों की भीड़ पर गोले फेंके और गोलियाँ चलाईं जिससे भारी भगदड़ मच गई. कम से कम दस लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और अनेक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. कैफ़े लियोपॉल्ड पुरानी मुंबई का काफ़ी लोकप्रिय रेस्तराँ और बार है जहाँ बहुत बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक खाने-पीने आते हैं.
इस कैफ़े की शुरुआत 1871 में हुई थी और ग्रेगरी डेविड रॉबर्ट्स के उपन्यास शांताराम में इसकी विस्तार से चर्चा की गई है. बुधवार की रात को हमलावरों ने सबसे पहले यहीं धावा बोला और अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं. एक ऑस्ट्रेलियाई छात्र ने कहा कि वे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ वहाँ खाना खा रहे थे तभी गोलियाँ चलने लगीं जिनसे वे दोनों घायल हो गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर युवा थे और उन्होंने फ़ैशनेबल कपड़े पहन रखे थे. कामा एंड एल्बेलेस हॉस्पिटल महिलाओं और बच्चों एक चैरिटेबल अस्पताल है, इसका निर्माण एक अमीर व्यापारी ने 1880 में कराया था. कामा अस्पताल पर हमले में लोगों के मारे जाने या हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं हो सकी है. अस्पताल के कुछ सूत्रों ने बताया है कि चार चरमपंथियों ने एक पुलिस वैन को अगवा कर लिया और उसके बाद लगातार गोलियाँ चलाते रहे, बाद में सुरक्षा बलों ने इनमें से दो लोगों को मार दिया और दो को गिरफ़्तार कर लिया. नरीमन हाउस को चबाद लुबाविच सेंटर के नाम से भी जाना जाता है.
जिस इमारत में चरमपंथी घुसे हैं वह यहूदियों की मदद करने के लिए बनाया गया एक सेंटर है, जहाँ यहूदी पर्यटक भी अक्सर ठहरते हैं. सुरक्षा बलों ने इस इमारत को चारों तरफ़ से घेर रखा है और ख़बरें मिल रही हैं कि चरमपंथियों ने यहाँ कई यहूदियों को बंधक बना रखा है. इस सेंटर में यहूदी धर्मग्रंथों की बड़ी लाइब्रेरी और उपासनागृह भी है. बताया जा रहा है कि इस सेंटर एक यहूदी धर्मगुरू सपरिवार रहते थे और कई पर्यटक भी वहाँ मौजूद थे जो अब चरमपंथियों के कब्ज़े में हैं. इमारत से लगातार गोलीबारी की आवाज़ें आ रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई: कई इलाकों में अचानक हुआ हमला27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाक समेत कई देशों ने निंदा की26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई: होटलों में धमाके, कमांडो ऑपरेशन जारी27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस हमले देश के लिए चुनौती हैं: आडवाणी27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथी जीन्स और टी शर्ट पहने हुए थे'27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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