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मणिपुर के चैनल और अख़बार बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक पत्रकार की हत्या के विरोध में स्थानीय टेलीविज़न चैनलों का प्रसारण और समाचार पत्रों का प्रकाशन गुरुवार से रोक दिया गया है. ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (एएमडब्लूजेयू) ने हत्या के विरोध मैं अनिश्चितकालीन विरोध की घोषणा की है. सोमवार को इंफाल फ़्री प्रेस जर्नल के एक पत्रकार कोसम ऋषिकांत की अज्ञात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी. उनका शव इंफाल के क़रीब लेनगोल पहाड़ी के पास पाया गया था. मणिपुर के किसी भी विद्रोही या अलगाववादी संगठन ने अभी तक इस हत्या की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. अनिश्चितकालीन विरोध एएमडब्लूजेयू का कहना है कि जबतक सरकार दोषियों को नहीं पकड़ती है तबतक टेलीविज़न चैनलों का प्रसारण और समाचार पत्रों का प्रकाशन बंद रहेगा. एएमडब्लूजेयू के अध्यक्ष एस हेमंत का कहना है, " पत्रकारों पर हमले सबसे ज़्यादा आसान हैं. सरकार को इस मामले की न्यायिक जाँच के आदेश देने होंगे और दोषियों को पकड़ने होंगे या फिर हम लोग काम पर नहीं लोटेंगे." ग़ौरतलब है कि मणिपुर में पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं इससे पहले भी हुई हैं. पिछले एक दशक में छह पत्रकारों की हत्या की गई है. कई मीडिया कर्मियों पर जान लेवा हमले हुए तो कई मीडियाकर्मियों का अगवा भी किया गया. इससे पहले भी फ़्री प्रेस जर्नल के एक पत्रकार को विद्रोहियों ने अगवा किया था लेकिन बाद नें उन्हें में छोड़ा लिया गया था. राज्य में कई अलगाववादी संगठनों पर मीडियाकर्मियों पर हमलों का आरोप लगते रहे हैं और पुलिस का भी कहना रहा है कि कभी-कभी जाँच को बाधित करने के लिए अलगाववादी संगठन पत्रकारों का अगवा भी करते हैं. इंफाल फ़्री प्रेस जर्नल के संपादक प्रदीप फनजोबम का कहना है, "हम सरकार की ख़ामोशी से अचंभे में हैं. सरकार की तरफ़ से ये भी नहीं कहा गया है कि वो दोषियों की पहचान कर गिरफ़्तार कर रही है." | इससे जुड़ी ख़बरें इम्फाल में धमाकाः 17 की मौत 20 घायल21 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस विस्फोट में मणिपुर के मुख्यमंत्री बचे19 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस संघर्षविराम के मुद्दे पर अल्फ़ा दो फाड़24 जून, 2008 | भारत और पड़ोस मणिपुर में ग्रामीणों को हथियार मिलेंगे03 मई, 2008 | भारत और पड़ोस मणिपुर में सात हिंदी भाषियों की हत्या18 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस छह सैनिकों को मारने का दावा16 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस मणिपुर में 'छह विद्रोही' मारे गए23 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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