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छह सैनिकों को मारने का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक अलगाववादी गुट ने दावा किया है कि शनिवार को उसने एक सैन्य ठिकाने पर हमला करके छह भारतीय सैनिकों को मार दिया है. मणिपुर के यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ़्रंट (यूएनएलएफ़) का दावा कि उन्होंने बर्मा से लगी सीमा पर एक कैंप पर हमला करके इन सैनिकों को मारा है. हालांकि सेना ने इस दावे को ग़लत बताते हुए कहा है कि कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं और विद्रोहियों का हमला नाकाम कर दिया गया. यूएनएलएफ़ के प्रवक्ता टोम्बी सिंह ने बीबीसी को फ़ोन पर जानकारी दी है कि बर्मा से लगी मणिपुर की सीमावर्ती मिनोउ स्थित एक कैंप पर यह हमला शनिवार को किया गया. यह कैंप असम राइफ़ल्स के 24वीं बटालियन का कैंप है. यूएनएलएफ़ का दावा है कि उन्होंने हमले के लिए मोर्टार और हल्की बंदूकों का उपयोग किया. टोम्बी सिंह ने कहा, "असम राइफ़ल्स के सात में से दो क्वार्टरों में मोर्टार हमले के बाद आग लग गई. हमारे पास जानकारी है कि छह मृत सैनिकों को हेलिकॉप्टर से इम्फ़ाल ले जाया गया है." शनिवार की सुबह किए इस हमले में यूएनएलएफ़ के सौ से अधिक लड़ाके शामिल थे. लेकिन सेना के प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने हमले की बात तो स्वीकार की है लेकिन कहा है कि हमले में कुछ सैनिकों को मामूली चोट आई है. उन्होंने कहा, "हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया." हालांकि मणिपुर पुलिस ने कहा है कि इस हमले में एक सैनिक मारा गया और सात अन्य घायल हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्वोत्तर में कई जगह विस्फोट, 18 घायल08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस मणिपुर में 'छह विद्रोही' मारे गए23 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस असम में वरिष्ठ अधिकारी का अपहरण18 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस विद्रोहियों के ख़िलाफ़ भारत-बर्मा एकजुट15 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में धमाकों से पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त12 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस विद्रोही संगठनों पर पाबंदी की मियाद बढ़ी10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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