BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 21 नवंबर, 2008 को 10:27 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'क्षेत्रीय दल का नेता बनेगा प्रधानमंत्री'
चंद्रबाबू नायडू
एनडीए सरकार के साथ चंद्रबाबू नायडू की पार्टी केंद्र की राजनीति में रह चुकी है
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगूदेशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू का कहना है आने वाले दिनों में किसी क्षेत्रीय दल का नेता प्रधानमंत्री होगा न कि कांग्रेस-भाजपा जैसे राष्ट्रीय दल का.

हिंदुस्तान टाइम्स के वार्षिक सम्मेलन में यह कहते समय चंद्रबाबू नायडू ने यह सफ़ाई भी दी कि वे प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं.

उनका कहना था कि दोनों मुख्य राष्ट्रीय पार्टियाँ कमज़ोर हो रही हैं क्योंकि लोगों का अपने क्षेत्रीय दलों के नेताओं पर भरोसा बढ़ा है.

उनका कहना था कि आज़ादी के बाद से जिस तरह से धीरे-धीरे संसद में क्षेत्रीय दलों की उपस्थित बढ़ी है उससे वह दिन दूर नहीं जब सभी क्षेत्रीय दलों के लोग इकट्ठे होकर सरकार बनाएँगे.

सीईओ होने का नुक़सान

चंद्रबाबू नायडू ने आर्थिक सुधारों की ज़ोरदार वकालत करते हुए कहा कि इस हर हाल में जारी रहना चाहिए लेकिन यह विचार करना होगा कि इसका लाभ आम आदमी तक किस तरह पहुँच सकता है.

सम्मेलन में अपना परिचय आंध्रप्रदेश के पूर्व कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रुप में दिए जाने का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसका नुक़सान भी उन्हें उठाना पड़ा है.

 पहले हमने राज्य के लिए परिसंपत्ति जुटाने के लिए बहुत काम किया और हर क्षेत्र में काम किया लेकिन अब हम उन लोगों के बारे में सोच रहे हैं जिनको हमारी नीतियों से नुक़सान हुआ और अब उन्हें किस तरह लाभ पहुँचाया जा सकता है
चंद्रबाबू नायडू

हालांकि उन्होंने साफ़ तौर पर कुछ नहीं कहा लेकिन संकेत दिए कि उन्हें राजनीतिक नुक़सान उठाना पड़ा है.

जब उनसे पूछा गया कि पहले तो वे मुफ़्त बिजली दिए जाने के बिल्कुल ख़िलाफ़ थे लेकिन अब वे मुफ़्त बिजली देने का वादा कर रहे हैं तो क्या यह एक सीईओ का राजनीतिक बनना है, तो उन्होंने कहा, "पहले हमने राज्य के लिए परिसंपत्ति जुटाने के लिए बहुत काम किया और हर क्षेत्र में काम किया लेकिन अब हम उन लोगों के बारे में सोच रहे हैं जिनको हमारी नीतियों से नुक़सान हुआ और अब उन्हें किस तरह लाभ पहुँचाया जा सकता है."

यह पूछे जाने पर कि वे और मंच पर उनके साथ बैठे लालू प्रसाद यादव का अपने राजनीतिक दलों को प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की तरह नहीं चलाते, उन्होंने पलटकर पूछा, "यह बात तो राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से भी पूछी जा सकती है लेकिन हम एक राजनीतिक दल चलाते हैं."

क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताक़त पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब चाहे केंद्र में कोई भी सरकार हो, वह राज्य की सरकार को धारा 356 का उपयोग करके बर्खास्त नहीं कर सकती.

उन्होंने कहा, "देश में शक्तिशाली केंद्र चाहिए लेकिन राज्य भी ताक़तवर चाहिए. इसलिए आने वाले दिनों में देश एक सहकारी संघीय ढाँचे की तरह काम करेगा."

चंद्रबाबू नायडू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह दिन दूर नहीं जब सभी क्षेत्रीय दल साथ आकर केंद्र में सरकार बनाएँगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
उपचुनावों में टीआरएस को झटका
01 जून, 2008 | भारत और पड़ोस
तेलुगुदेशम की रैली में लाखों जुटे
22 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस
आँध्र प्रदेश में चुनाव को हरी झंडी
14 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>