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तेलुगुदेशम की रैली में लाखों जुटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश में सत्ताधारी तेलगूदेशम पार्टी ने रविवार को एक बड़ी रैली करके चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत की. राजधानी हैदराबाद में इस रैली के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया. तेलगुदेशम पार्टी ने इस रैली के लिए चालीस लाख लोगों को जुटाने का दावा किया था और इस दावे के कारण इस रैली पर लोगों की नज़रें लगी हुई थीं. बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारुख़ का कहना है कि इस भीड़ में कितने लोग जुटे इस बात को लेकर सिर्फ़ अंदाज़े ही लगाए जा सकते हैं. उनका कहना है कि रैली के सात किलोमीटर के रास्ते में भीड़ ही भीड़ थी. चुनाव पार्टी ने इस रैली के ज़रिए अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की. रैली को 'विजयभेरी' नाम दिया गया था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि भीड़ और बाजे गाजे का शोर इतना था कि इस ओर कम ही लोगों का ध्यान गया कि कौन सा नेता क्या कह रहा है. मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू ने कहा कि इस भीड़ को देखकर उन्हें विश्वास हो गया है कि उनकी पार्टी पहले से भी ज़्यादा बहुमत के साथ सत्ता में लौट रही है. राज्य में लोक सभा चुनावों के साथ ही विधान सभा के चुनाव भी कराए जा रहे हैं. पूरा हैदराबाद शहर पार्टी के झंडे के रंग में रंगा दिख रहा था. मुख्य चौराहों पर तेलुगुदेशम नेताओं के कटआउट लगाए गए थे. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तीसरी बार राज्य में सत्ता की कमान सँभालना चाहते हैं. वह लोकसभा में पार्टी सांसदों की संख्या भी बढ़ाना चाहते हैं. तेलुगुदेशम को पिछले लोकसभा चुनावों में 29 सीटों पर सफलता हासिल हुई थी. इस बीच विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नायडू पर रैली के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. |
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