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उपचुनावों में टीआरएस को झटका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश में विधानसभा की 18 और लोकसभा की चार सीटों के लिए हुए उपचुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को तगड़ा झटका लगा है. तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर सामूहिक इस्तीफ़ा देकर उपचुनाव का रास्ता बनाने वाली टीआरएस 16 विधानसभा सीटों में से सिर्फ सात और चार लोकसभा सीटों में से दो ही बचा सकी. अलग राज्य के मुद्दे पर लोगों की भावनाओं को अपने साथ मानकर चलने वाली टीआरएस के ज्यादातर उम्मीदवारों को सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के हाथों हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस को आदिलाबाद लोकसभा और छह विधानसभा सीटों पर जीत हासिल हुई जबकि 2004 में सत्ता से बाहर होने वाली टीडीपी ने वारंगल लोकसभा और पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की. टीआरएस के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय श्रम मंत्री केचंद्रशेखर राव ने करीमनगर लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करके सीट पर अपना क़ब्ज़ा बरकरार रखा. उन्होंने गत चुनावों में क़रीब दो लाख मतों से जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार उनकी जीत का अंतर घटकर 15 हज़ार 219 रह गया. इस बीच चंद्रशेखर राव ने उपचुनावों में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन का जिम्मा लेते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है. लोकसभा और विधानसभा की इन सीटों पर 29 मई को मतदान हुआ था. तेलंगाना राष्ट्र समिति के सांसदों और विधायकों के एक साथ संसद और विधानसभा से इस्तीफ़ा देने के कारण ये चुनाव कराने पड़े थे. | इससे जुड़ी ख़बरें तेलंगाना पर लोक सभा में हंगामा23 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस आंध्र में कम ही लोगों ने वोट डाला29 मई, 2008 | भारत और पड़ोस तेलंगाना मुद्दे पर सांसदों का इस्तीफ़ा03 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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