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पासवान अपनी सुरक्षा को लेकर नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में रविवार को एक बारूदी सुरंग हमले में बाल-बाल बचने के बाद केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान ने अपनी सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने अपनी सुरक्षा घटाने के फ़ैसले का विरोध करते हुए इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र भी लिखा है. बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में रामविलास पासवान ने घटना का जो ब्यौरा दिया है वह पहले आए विवरण से बिल्कुल अलग है और इसके अनुसार हमले के समय काफ़िले में मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य थे ही नहीं. उल्लेखनीय है कि रविवार को मिदनापुर के शालबनी में एक निजी इस्पात संयंत्र के शिलान्यास समारोह से लौटते हुए काफ़िले पर बारूदी सुरंग से हमला किया गया था जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए. घटना रामविलास पासवान का कहना है कि शिलान्यास समारोह और पत्रकारवार्ता के बाद मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य पहले ही निकल गए थे और वे ख़ुद वहाँ ठहर गए थे. उनका कहना है कि जब उनका काफ़िला खड़गपुर के पास था तो उनकी कार के आगे चल रही पुलिस की गाड़ी में विस्फोट हुआ. उनका कहना है, "गाड़ी का शीशा टूट गया था लेकिन मेरे सचिव ने मुझे वहाँ से निकल जाने की सलाह दी." उन्होंने कहा, "बस दो तीन सेकेंड का अंतर रह गया वरना हमारी गाड़ी उसके चपेट में आ जाती." केंद्रीय इस्पात मंत्री का कहना है, "मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने फ़ोन पर उन्हें जानकारी दी कि सड़क के ऊपर गुज़र रहे हाईटेंशन लाइन में आई ख़राबी के कारण ऐसा हुआ है. तब मैंने उन्हें बताया कि मामला कुछ और है." उनका कहना है कि उन्हें बाद में पता चला कि यह बारूदी सुरंग से विस्फोट किया गया है. यह पूछे जाने पर कि विस्फोट के लिए वे किसे ज़िम्मेदार मानते हैं, उन्होंने कहा, "मैं कुछ नहीं कह सकता क्योंकि इस इस्पात संयंत्र के विरोध में माओवादियों ने धमकी दी है यह भी मुझे नहीं पता था." सुरक्षा का सवाल उनकी सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने नाराज़गी भरे स्वर में कहा, "हमें समझ में नहीं आता कि गृहमंत्री (शिवराज पाटिल) सुरक्षा के मामले को हल्के से ले रहे हैं." उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन लागू होने के समय से ही उन्हें ज़ेड प्लस सुरक्षा मिली हुई थी लेकिन गृहमंत्री ने यह सुरक्षा वापस ले ली. पासवान का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में गृहमंत्रालय से और प्रधानमंत्री कार्यालय से कई बार बात की लेकिन कोई कार्रवाई ही नहीं होती. सुरक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "राज ठाकरे को तो ज़ेड प्लस सुरक्षा दी जा रही है लेकिन मैं केंद्रीय मंत्री हूँ, मुझ पर लगातार हमले हो रहे हैं और मेरी सुरक्षा कम कर दी गई है." बिहार के दलित नेता पासवान ने कहा, "मैंने सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री को एक कड़ा पत्र लिखा है." | इससे जुड़ी ख़बरें बुद्धदेब-पासवान हमले में बाल-बाल बचे02 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस नैनो प्रकरण पर प्रधानमंत्री दुखी26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल के नाम टाटा की चिट्ठी17 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिंगुर में नई परियोजना की मांग11 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस टाटा ने संयंत्र हटाने का फ़ैसला किया03 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिगुंर में टाटा प्लांट के गार्डों पर हमला23 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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