|
तालेबान के साथ 'बातचीत' पर सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के राजनेताओं और क़बायली सरदारों ने कहा है कि सीमाओं पर जारी अशांति को दूर करने के लिए वे अब तालेबान विद्रोहियों के साथ बातचीत करना चाहते हैं. दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच ये सहमति पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई दो दिनों की बातचीत में हो सकी. इस साझा बैठक को छोटा-जिरगा कहा जा रहा था जिसमें सीमावर्ती इलाक़ों की समस्याओं के बारे में चर्चा की गई. इसी तरह की एक बड़ी बैठक या लोया जिरगा पिछले साल काबुल में हुआ था. संपर्क की कोशिश बैठक के बाद अफ़ग़ान दल के नेता अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारियों ने तय किया है कि अब कई विद्रोही गुटों के साथ संपर्क साधने की कोशिशें की जाएँगी. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में सभी विरोधी पक्षों के लिए अब बातचीत के द्रार खुले हुए हैं. पाकिस्तानी पक्ष के नेता ओवैस ग़नी ने कहा कि ये पेशकश संघर्ष में लिप्त सभी पक्षों के लिए है और दोनों देशों के प्रभावशाली लोग अब विरोधी शक्तियों से संपर्क करने की कोशिश करेंगे. कई प्रेक्षकों की राय है कि तालेबान के चरमपंथी आंदोलन को सैनिक तरीक़े से नहीं हराया जा सकता और इसका कोई राजनीतिक समाधान तलाश किया जाना चाहिए. मगर पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिमी देशों के बीच इस मामले पर कैसे आगे बढ़ा जाए, इस प्रश्न पर गहरे मतभेद रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें तालिबान कमांडर समेत 20 मारे गए27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा प्रदर्शन25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में प्रयास अव्यवस्थित'21 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने क़रीब 30 बस यात्रियों को मारा19 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस हवाई हमलों में 60 'चरमपंथियों' की मौत18 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस क़बायली सभा में धमाका, 20 की मौत10 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान से बातचीत की हिमायत07 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||